Dhanbad News: बैंक मोड़-रांगाटांड़ सड़क पर जाम बना आम, हर वक्त रेंगते वाहन
Dhanbad News: धनबाद में जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। सुबह-सुबह ही लोग जाम में फंसते हैं, खासकर बैंक मोड़ से रांगाटांड़ की सड़क पर। गया पुल का संकरा अंडरपास और अव्यवस्थित पार्किंग इसकी मुख्य वजहें हैं। हालांकि, नये अंडरपास के निर्माण से उम्मीद जगी है कि जाम की समस्या का समाधान होगा।

Dhanbad News: धनबाद, वरीय संवाददाता। धनबाद में लोगों की सुबह की शुरुआत ही जाम से होती है। हर तरफ सुबह से शाम तक जाम-का-झाम लगा रहता है। सुबह की सड़क जाम बहुत बड़ी और आम समस्या बन गई है। जाम में फंसे लोगों की धड़कनें तेज हो जाती हैं। कार्यालय, स्कूल, बाजार या अस्पताल जाना हो, सभी सड़कों पर जाम-का-झाम रहता है। सर्वाधिक परेशानी बैंक मोड़ से रांगाटांड़ की सड़क पर लगने वाले जाम से होती है। यहां लगने वाला जाम तो अब शहर ही पहचान बन चुका है। सुबह से ही वाहन रेंगने लगते हैं। दोपहर में स्थिति और विकराल हो जाती है और देर रात नो इंट्री खत्म होने के बाद ही सड़क चैन की सांस ले पाती है। अगले दिन फिर यही सिलसिला शुरू हो जाता है। सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल बैंक मोड़-रांगाटांड़ मार्ग पर रोज लगने वाला जाम अब लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। हालांकि गया पुल अंडरपास चौड़ीकरण परियोजना से उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में जाम की समस्या का स्थायी समाधान होगा।
गया पुल और श्रमिक चौक बड़ी समस्या:
वर्तमान में जाम की सबसे बड़ी वजह गया पुल का संकरा अंडरपास है। यहां दोनों ओर से वाहनों का भारी दबाव रहता है। साथ ही श्रमिक चौक पर ऑटो और टोटो की अव्यवस्थित पार्किंग, सड़क के किनारे अतिक्रमण तथा रॉन्ग साइड से वाहनों का परिचालन स्थिति को और खराब कर देता है। सुबह और शाम में बड़े वाहन, स्कूल बसें, ऑटो, टोटो और दोपहिया वाहन एक साथ पहुंचने से सड़क जाम हो जाती है। लोगों को कई बार कुछ सौ मीटर की दूरी तय करने में आधे घंटे से अधिक समय लग जाता है। सुभाष चौक की व्यवस्था भी चरमरा जाती है।
अंडरपास के जलजमाव से लग रहा जाम:
बड़ी समस्या पुराने अंडरपास में जल निकासी की है। एक तरफ रेलवे स्टेशन क्षेत्र तो दूसरी तरफ रागाटांड़ की ओर से आने वाला नाली का पानी अंडरपास के नीचे सड़क पर जमा हो जाता है, जिससे सड़क बार-बार क्षतिग्रस्त होती है। गड्ढों और जलजमाव के कारण वाहनों की गति और धीमी हो जाती है। साथ ही जाम और लंबा खींच जाता है।
सुधार के लिए अभी एक साल करना होगा इंतजार:
करीब 30 करोड़ रुपए की लागत से नए अंडरपास का निर्माण तेज गति से हो रहा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। पुश बॉक्स तकनीक से निर्माण किया जा रहा है। भले ही 14 माह में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अब भी पूर्ण रूप से निर्माण होने में एक साल का समय लग सकता है। अंडरपास बनने के बाद मार्ग पर यातायात का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
सामान्य प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


