मेयर की आभार होर्डिंग में विधायक रागिनी की तस्वीर नहीं
नगर निगम चुनाव में भाजपा से अलग होकर जीतने वाले संजीव सिंह ने मेयर बनते ही भाजपा से दूरी बना ली है। होर्डिंग्स में उनकी पत्नी रागिनी सिंह की तस्वीर नहीं है। संजीव ने कहा कि वह किसी दल के मेयर नहीं हैं और जनता के मेयर हैं। भाजपा से जुड़े सवालों को टालते रहे हैं।

नगर निगम चुनाव के दौरान भाजपा से अलग होकर चुनाव लड़ने और जीतने वाले संजीव सिंह ने चुनाव जीतने के बाद भी भाजपा से दूरी बरकरार रखी है। मेयर बनने के बाद शहर में जगह-जगह लगायी गई होर्डिंग्स में संजीव सिंह के साथ चार लोगों की तस्वीर है, लेकिन इसमें भाजपा विधायक और उनकी पत्नी रागिनी सिंह की तस्वीर नहीं है। मेयर संजीव सिंह ने चुनाव के दौरान भी अपनी पत्नी सह विधायक रागिनी सिंह को अपने प्रचार से दूर रखा। भाजपा की विधायक होने की वजह से उन्होंने भी कभी सार्वजनिक मंच से संजीव सिंह का प्रचार नहीं किया। अब संजीव सिंह चुनाव जीतकर मेयर बन गए हैं, लेकिन इसके बाद भी भाजपा से जुड़े सवालों को हंसते हुए टाल देते हैं।
शपथ ग्रहण समारोह में भी उन्होंने स्पष्ट कहा था कि वह किसी भी दल के मेयर नहीं हैं। उन्हें जनता ने धनबाद का मेयर चुना है और वह जनता के ही मेयर हैं। मेयर से जब पूछा गया था कि आप अभी किस दल से जुड़े हैं तो उन्होंने कहा कि समय आने पर इस विषय पर भी वह खुलकर बात करेंगे। गुरुवार को शहर में लगभग 25 से अधिक होर्डिंग लगायी गई हैं, जिसमें संजीव सिंह की ओर से आभार जताया गया है। इस होर्डिंग में उनके छोटे भाई सिद्धार्थ गौतम के साथ उनके समर्थक संतोष सिंह, महंत पांडेय और विकास सिंह की तस्वीर है। इस होर्डिंग में विधायक रागिनी सिंह की तस्वीर नहीं होना भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
लेखक के बारे में
Gangesh Gunjanशॉर्ट बायो पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में हिन्दुस्तान धनबाद में बतौर प्रिंसिपल कंटेंट क्रिएटर काम कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
गंगेश गुंजन मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं। जिनके पास पत्रकारिता में 23 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में बतौर प्रिंसिपल कंटेंट क्रिएटर काम कर रहे हैं। इन्होंने शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी खबरें, स्पोर्ट्स, फैशन-युवा और झारखंड की स्थानीय राजनीति की खबरों में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
गंगेश गुंजन ने अपने कैरियर की शुरुआत 2002 से दैनिक जागरण अखबार से की। प्रिंट मीडिया और रिपोर्टिंग की बारीकियों को वहां से सीखा। 2009 में हिन्दुस्तान अखबार से जुड़कर अपने कैरियर को आगे बढ़ाया। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में प्रिंसिपल कॉरेस्पोंडेंट के पद पर काम करते हुए सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर, जिला प्रशासन, स्पोर्ट्स और झारखंड के क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
बैचलर इन आर्टस (अर्थशास्त्र) और जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएट रहने की वजह से पत्रकारिता के क्षेत्र में बड़ी बीटों पर बेहतर काम करने में सहायता मिली। ऑफ बीट, स्पोर्ट्स, फिल्म-म्यूजिक के क्षेत्र में कमांड होने का लाभ अखबार को मिल रहा है। सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर की खबरें राज्य स्तर पर प्रकाशित हुई है।
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गंगेश का मानना है कि पत्रकारिता का मूल, फील्ड रिपोर्टिंग से है। लोगों के आम जीवन में हो रही परेशानियों की खबरें आज भी सबसे अधिक पढ़ी जाती है। इन्होंने झारखंड के कई सेलिब्रेटी एमएस धोनी, बॉलीवुड एक्टर जीशान कादरी का इंटरव्यू किया है। युवा और महिलाओं पर आधारित खबरें को प्रमुखता देना उनके विजन में शामिल है।
विशेषज्ञता
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- स्पोर्ट्स और फिल्में
- झारखंड की आदिवासी मूलवासी की खबरें
- सेलिब्रेटिज का इंटरव्यू
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