आरके कोल माइंस को मिली सालानपुर खदान
छत्तीसगढ़ की आरके कोल माइंस प्राइवेट लिमिटेड को बीसीसीएल की बंद सालानपुर भूमिगत खदान मिल गई है। मंगलवार को बीसीसीएल एवं आरके कोल माइंस के बीच कोयला...

धनबाद, विशेष संवाददाता
छत्तीसगढ़ की आरके कोल माइंस प्राइवेट लिमिटेड को बीसीसीएल की बंद सालानपुर भूमिगत खदान मिल गई है। मंगलवार को बीसीसीएल एवं आरके कोल माइंस के बीच कोयला भवन में करार पर हस्ताक्षर हुआ।
बीसीसीएल की ओर से बताया गया कि भारत में कोकिंग कोयले के उत्पादन को बढ़ाने तथा कंपनी के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए बीसीसीएल ने अपनी बंद पड़ी गैर-संचालित कोयला खदानों से कोयले के निष्कर्षण के लिए उन्हें पुनः विकसित करके संचालन करने के लिए एमडीओ मॉडल में रेवेन्यू शेयरिंग के आधार पर आवंटित करना आरंभ कर दिया है। सफल निविदा प्रक्रिया के बाद बुधवार को कतरास क्षेत्र स्थित सालानपुर-एजीकेसी कोयला खदान के लिए 9% राजस्व हिस्सेदारी की दर पर 25 वर्षों की अवधि के लिए बीसीसीएल एवं मेसर्स आरके कोल माइंस प्राइवेट लिमिटेड के बीच करार पर हस्ताक्षर हुआ।
बीसीसीएल के सीएमडी समीरन दत्ता, निदेशक (तकनीकी) संजय कुमार सिंह, उदय अनंत कावले, निदेशक (कार्मिक) मुरलीकृष्ण रमैय्या एवं निदेशक (वित्त) आरके सहाय की उपस्थिति में कतरास क्षेत्र के महाप्रबंधक एमएस धूत एवं मेसर्स आरके कोल माइंस की ओर से प्रोजेक्ट हेड रवि अग्रवाल ने करार दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।
सालानपुर-एजीकेसी कोयला खदान से 1.4 मिलियन टन वार्षिक कोयला उत्पादन क्षमता के साथ कुल 25.70 मिलियन टन कोयला उत्पादन प्रस्तावित है। मौके पर सीएमडी ने कहा कि एमडीओ मोड में रेवेन्यू शेयरिंग आधार पर यह बीसीसीएल का पहला करार है। बीसीसीएल कोकिंग कोल के उत्पादन में देश की अग्रणी कंपनी है और पिछले पांच दशकों से राष्ट्र की सेवा करने तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में योगदान करने के लिए गर्व है। बीसीसीएल का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है। आने वाले समय में बीसीसीएल एक नए स्वरूप में दिखाई देगा।
मौके पर एनके भारती, महाप्रबंधक (सीएमसी), अंजनी कुमार, महाप्रबंधक (सीएमसी), महाप्रबंधक (खनन) नीरज कुमार, मुख्य प्रबंधक (सीएमसी) विक्रम कुमार और प्रबंधक (सीएमसी) जितेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।


