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8 मई, 2021|1:35|IST

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भागा-गोमो रेलखंड पर भी भूधंसान का खतरा

डीसी लाइन बंदी के बाद अब भागा-गोमो रेल लाइन पर भूधंसान का खतरा बढ़ गया है। यहां पोल के नीचे गोफ है और करीब 70 फीट नीचे छह गैलरी चली हुई हैं। इस ट्रैक से दो सुपरफास्ट और आधा दर्जन पैसेंजर ट्रेनें गुजरती हैं।
रेलवे लाइन को बचाने के लिए बीसीसीएल प्रबंधन ने रेलवे के दबाव में काम शुरू करा दिया है। यहां 40 बोरहोल कर बालू-पानी की भराई होगी। इसको लेकर शनिवार को बोर्रागढ़ कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी आईपी उपाध्याय टीम के साथ पहुंचे।
पोल संख्या 326 से 11-12, जो बोर्रागढ़ साइडिंग के समीप है, इनको ज्यादा खतरा है। इसी को बचाने के लिए रेलवे प्रबंधन ने सख्त निर्देश दिए हैं। पीओ ने बोरहोल स्थल की साफ-सफाई कराई। बताते हैं कि उक्त पोल के नीचे गोफ है। करीब 70 फीट नीचे छह गैलरी है। रेलवे लाइन के आस-पास भी दरार और छोटे गोफ हैं। इनको भरने के बाद ही बालू पानी की भराई होगी। पूर्व में कोलियरी ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर 45 साल पूर्व कोयला उत्खनन किया। जानकारी मिलने पर रेलवे के चीफ माइनिंग इंजीनियर एहसान अहमद ने बीसीसीएल प्रबंधन को पत्र भेजकर रेलवे ट्रैक को बचाने के लिए चेताया। इसके बाद कोयला भवन मुख्यालय ने बोर्रागढ़ कोलियरी प्रबंधन को निर्देशित किया। तब से अधिकारी परेशान हैं।  पीओ आईपी उपाध्याय का कहना है कि बोर्रागढ़ कोलियरी की गैलरी नहीं चली है। भगतडीह कोलियरी की ओर से 45 साल पूर्व कोयला निकाला गया है। ट्रैक को बचाने का कार्य किया जा रहा है।  भागा-गोमो रेल खंड पर दो सुपरफास्ट ट्रेन नीलांचल और नंदनकानन और छह पैसेंजर ट्रेनें गुजरती हैं। भागा, कुस्तौर, भेलाटांड़ और महुदा साइडिंग में मालगाड़ियां रोज पहुंचती हैं। झरिया रेलवे स्टेशन बंद होने के बाद इस मार्ग पर दबाव बढ़ा है। डीसी रेल लाइन बंद होने के बाद इस मार्ग से भी ट्रेनें गुजर रही हैं। अगर बचाव नहीं हुआ तो इस मार्ग पर भी खतरा बढ़ जाएगा। 

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  • Web Title:Risk of Land shedding on Bhaga-Gomoh rail Line