बीसीसीएल से रोज औसतन एक लाख टन कोयला डिस्पैच
धनबाद में गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ रही है, जिससे कोयले की मांग में भी तेजी आई है। बीसीसीएल में औसतन एक लाख टन से अधिक डिस्पैच हो रहा है। मई में बीसीसीएल का उत्पादन 2.20 मिलियन टन और डिस्पैच 2.62 मिलियन टन है। झारखंड के पावर प्लांटों में औसतन 20 दिन का कोयला स्टॉक है।

धनबाद, विशेष संवाददाता। गर्मी के कारण देश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते कोयले की मांग में भी तेजी है। इधर कुछ दिनों से बीसीसीएल में प्रतिदिन औसतन एक लाख टन से ज्यादा डिस्पैच हो रहा है। हालांकि पूरे मई महीने के आंकड़ों को देखें तो 30 मई तक बीसीसीएल में उत्पादन 2.20 मिलियन टन एवं डिस्पैच 2.62 मिलियन टन है। पूरे महीने का आधिकारिक आंकड़ा एक जून को जारी किया जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष के दो महीने में बीसीसीएल का उत्पादन 4.20 एवं डिस्पैच 4.90 मिलियन टन रहने का अनुमान है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दुर्गम क्षेत्र या कम कोयला स्टॉक वाले पावर प्लांटों से कोल कंपनियों ने अपील की है कि कोयले का मुकम्मल स्टॉक है, इसलिए बिजली घर अपने अपने कोयले के स्टॉक को बढ़ा लें।
ऊर्जा संयंत्रों में कोयले का भंडार मानक स्तर का 70 प्रतिशत तक है। झारखंड के पावर प्लांटों के पास कोयले का स्टॉक औसतन 20 दिन का है। कुछ पावर प्लांट के पास 26 दिन का भी कोयला स्टॉक है।
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