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रंगदारी के बंटवारे में अनदेखी के कारण रिंकू ने अमन को मरवाया

गैंगस्टर अमन सिंह की हत्या की साजिश रचने में उसी के गुरु रहे धर्मेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह का नाम खुल कर सामने आ गया...

रंगदारी के बंटवारे में अनदेखी के कारण रिंकू ने अमन को मरवाया
हिन्दुस्तान टीम,धनबादTue, 25 Jun 2024 02:15 AM
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धनबाद, रविकांत झा
गैंगस्टर अमन सिंह की हत्या की साजिश रचने में उसी के गुरु रहे धर्मेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह का नाम खुल कर सामने आ गया है। सीआईडी की चार्जशीट में रिंकू सिंह को अमन की हत्या की प्लानिंग का अहम किरदार माना गया है। बताया गया है कि रंगदारी वसूली से मिलने वाले पैसों के बंटवारे में अनदेखी के कारण रिंकू ने अमन सिंह को मरवा दिया।

सीआईडी डीएसपी व कांड के आईओ दीपक कुमार ने यूपी इलाहाबाद सोराउं मरहू निवासी धर्मेंद्र प्रतात सिंह उर्फ रिंकू सिंह उर्फ विकास सिंह के अलावा जेसी मल्लिक निवासी आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह, यूपी प्रतापगढ़ फतनपुर बिरईपुर निवासी कुणाल सिंह के विरुद्ध अनुसंधान जारी रखते हुए चार्जशीट सौंपी थी। सीआईडी की ओर से अमन सिंह हत्याकांड में दर्ज दूसरी एफआईआर में पिंटू सिंह सहित पांच के खिलाफ चार्जशीट सौंपी गई है। सीआईडी इस कांड में नया बाजार के जमीन कारोबारी सरफुल हसन उर्फ लाला की हत्या के आरोपी और अमन सिंह के पुराने शागिर्द अमर रवानी की भी भूमिका जांच रही है। रिंकू और अमन के रिश्तों के संबंध में अमन सिंह की कथित प्रेमिका और उसके यूपी के गुर्गों ने भी सीआईडी को बयान दिया है। शूटर वैभव यादव, आशीष शुक्ला, चास का अरुण कुमार और सलोनी ने बताया है कि रिंकू ने ही आशीष रंजन के साथ मिलकर अमन सिंह की हत्या कराई।

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रिंकू व आशीष को 10 प्रतिशत से करना पड़ता था संतोष

सीआईडी जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि मुन्ना बजरंगी गुट का शार्प शूटर रिंकू सिंह अमन सिंह का गुरु रहा है। अमन सिंह महीने में 25 लाख रुपए तक रंगदारी वसूलता था। इसमें से रिंकू सिंह और आशीष रंजन को महज दो से ढाई लाख रुपए ही मिलते थे। नीरज सिंह हत्याकांड में जमानत मिलने के बाद रिंकू जब जेल से बाहर आया तो उसने आशीष रंजन के साथ मिल कर रंगदारी वसूली में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश की। आशीष ने एक ऑडियो वायरल कर व्यवसायियों को अमन को रंगदारी देने से मना किया था। इस पर अमन ने जेल से फोन कर रिंकू और आशीष के साथ गाली-गलौज की थी। अमन को यह भी शक था कि मिर्जापुर जेल में रहते रिंकू ने वर्ष 2017 में एसटीएफ से मुखबिरी की थी, जिसके कारण एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। गैंग की सलोनी, वैभव, अरुण और आशीष शुक्ला की गिरफ्तारी में भी अमन सिंह को आशीष और रिंकू पर पुलिस मुखबिरी का संदेह था।

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एक लाख रुपए एडवांस लेकर रितेश ने अमन को मारा

सीआईडी जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि हत्या से पहले आशीष रंजन और रिंकू सिंह ने कॉन्फ्रेंस कॉल में अमन सिंह से फोन पर बातचीत कर दोस्ती का हाथ बढ़ाया। आशीष और रिंकू के निर्देश पर जेल के अंदर विकास बजरंगी और सतीश गांधी ने भी अमन सिंह से मिल कर हाथ मिला लिया था। स्थिति सामान्य होने पर रिंकू सिंह और आशीष रंजन ने यूपी प्रतापगढ़ फतनपुर बिरईपुर निवासी कुणाल सिंह उर्फ श्रीराम से संपर्क साधा। उसी के जरिए प्रतापढ़ चांदपुर निवासी रितेश यादव को अमन सिंह की हत्या के लिए तैयार किया। रितेश को हत्या के लिए एक लाख रुपए एडवांस के रूप में दिया गया था।

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आशीष रंजन के साथ रिंकू को खोज रही सीआईडी

चार्जशीट में रिंकू सिंह का खुलकर नाम सामने आने के बाद सीआईडी उसे और आशीष रंजन को ढूढ़ रही है। पिछले दिनों एटीएस की जांच में पता चला था कि आशीष रंजन नेपाल में छिपा है। लाला खान की हत्या के बाद से ही आशीष रंजन भी फरार है। लाला के अलावा उस पर कतरास के नीरज तिवारी और झरिया के टायर शोरूम मालिक रंजीत साव की हत्या का भी आरोप है। इधर, रिंकू सिंह नीरज सिंह हत्याकांड में जेल में बंद था। इस कांड में उसे हाईकोर्ट से जमानत मिली तो वह बाहर निकल कर फरार हो गया। नीरज मर्डर में कोर्ट से उसकी जमानत रद्द हो चुकी है।

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