Ramkatha in balaji mandir dhanbad - रामकथा सुनने से घर ही बन जाता है स्वर्ग DA Image

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रामकथा सुनने से घर ही बन जाता है स्वर्ग

रामकथा सुनने से घर ही बन जाता है स्वर्ग

श्रीरामकथा सुनने से स्वर्ग जाने की आवश्यकता नहीं होती, घर ही स्वर्ग हो जाता है। उक्त बातें वाराणसी से आईं मानस मयूरी शालिनी त्रिपाठी ने शुक्रवार को कही। वह जगजीवन नगर स्थित बालाजी मंदिर में शुरू हुए श्रीरामचरित मानस और श्रीराम कथा पहले दिन श्रद्धालुओं को कथा का रसपान करा रही थीं। कहा कि श्रीरामचरितमानस ग्रंथ नहीं पंथ है। मानव जीवन के लिए श्रीमद्भागवत फल है और श्रीरामचरितमानस तुलसी दल है। श्री रामचरित मानस अत्यंत सरल भी है और कठिन इतना कि एक-एक चौपाई पर पीएचडी शोध हो सकता है।

संगीतमय परायण हुआ

मानस प्रचार समिति जगजीवन नगर की ओर से नौ दिवसीय नवाह्न परायण का आयोजन किया गया है। सुबह में पंडित अनिल कुमार मिश्रा के आचार्यत्व में संगीतमय परायण संपन्न हुआ। इसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

शाम में राम कथा

शाम में श्री रामकथा का उद्घाटन सीआईएसएफ के डीआईजी यूके सरकार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। यूके सरकार ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि 48 वर्षों से आयोजन होता रहना आसान नहीं होता है। लोगों में धार्मिक कार्यक्रमों के प्रति लगाव है।

रामचरित मानस की उपादेयता पर प्रकाश डाला

श्रीरामकथा का शुभारंभ भारत प्रसिद्ध मानस मर्मज्ञ पंडित संतोषाचार्य जी (सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश) ने किया। उन्होंने श्रीरामचरितमानस की उपादेयता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीरामचरितमानस में संत तुलसीदास ने अपने जीवन की समस्त उपलब्धियों का वेद वेदांत के उदाहरणों द्वारा मानव जीवन के सर्वांगीण विकास को बताया है। श्रीराम के जन्म प्रसंग पर प्रकाश डालाते हुए कहा कि भगवान राम अलौकिक प्रतिभा के साथ त्रेता में जगत कल्याण के लिए प्रकट हुए। कार्यक्रम में स्वागत भाषण शिवपूजन तिवारी तथा संचालन मिल्टन पार्थ सारथी ने किया।

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