क्रू लॉबी में ड्यूटी बांटने में भेदभाव, रेलवे के रनिंग स्टाफ में बढ़ा असंतोष

हिन्दुस्तान, धनबाद
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रेलवे के लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट में भेदभाव को लेकर ईस्ट सेंट्रल रेलवे ईम्प्लाइज यूनियन ने पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि कुछ लोको पायलटों को धनबाद-टोरी या बरवाडीह सेक्शन का एलआर नहीं दिया गया है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है। यूनियन ने कई मांगें भी उठाई हैं।

क्रू लॉबी में ड्यूटी बांटने में भेदभाव, रेलवे के रनिंग स्टाफ में बढ़ा असंतोष

रेलवे के लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट को नौकरी बांटने में भेदभाव किया जा रहा है। इसकी विसंगितयों को चिह्नित करते हुए रेलवे की मान्यता प्राप्त यूनियन ईस्ट सेंट्रल रेलवे ईम्प्लाइज यूनियन ने धनबाद के सीनियर डीईई ऑपरेशन को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि धनबाद लॉबी के मालगाड़ी कार्य करनेवाले सभी लोको पायलट को धनबाद-टोरी या बरवाडीह सेक्शन का रोड लर्निंग 100 प्रतिशत करने के आदेश के बाद त्वरित गति से चालकों को एलआर भी दिया गया, परंतु इस सेक्शन में फिलहाल गिने चुने ही लोग काम कर रहे हैं। कुछ लोको पायलट यह कह कर कॉल नहीं लेते हैं कि उनका एलआर फिटनेस नहीं है।

भेदभाव की समस्या

एलआर लेकर एक दिन भी इस सेक्शन में कार्य नहीं करते हुए फिर एलआर ओवर ड्यू हो जाने से रेल के समय और राजस्व दोनों का नुकसान होता है। यूनियन ने पूछा है कि इसके लिए लोको पायलट, क्रू कंट्रोलर, नामित सीएलआई या चीफ क्रू कंट्रोलर, आखिर कौन जिम्मेवार हैं।

यूनियन की मांगें

यूनियन ने सवाल उठाया कि कुछ लोको पायलट को धनबाद-टोरी या बरवाडीह सेक्शन का एलआर ही नहीं दिया गया। उन्हें चिह्नित कर अगल रखा गया है, जो कि उचित नहीं है। इससे क्रू में आपसी असंतोष की भावना विकसित हो रही है। इसलिए क्रू का एलआर कम से कम पतरातू तक करने की मांग की गई। साथ ही डाउन में कार्य करनेवाले लोको पायलट का एलआर धनबाद-रानीगंज करने की मांग की। बताया गया कि धनबाद क्रू को गोमो और पाथरडीह लॉबी में ऑफ ड्यूटी करने पर गोमो से आसनसोल तथा पाथरडीह से गोमो की भी बुकिंग होती है, जिससे हेडक्वार्टर धनबाद में ड्यूटी ऑफ होने की बजाय होडक्वार्टर से आगे के स्टेशन में जाना पड़ता है। इसलिए धनबाद क्रू को पाथराटू और गोमो में ऑफ नहीं करवाया जाए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूनियन ने किससे पत्र लिखा है?
यूनियन ने धनबाद के सीनियर डीईई ऑपरेशन को पत्र लिखा है।
Ravikant Jha

लेखक के बारे में

Ravikant Jha

शॉर्ट बायो : रविकांत झा पिछले 24 वर्षों से पत्रकारिता फील्ड में हूं। फिलहाल ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद में चीफ रिपोर्टर की भूमिका में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा हूं।


परिचय एवं अनुभव
रविकांत झा झारखंड के मीडिया जगत के एक जानेमाने नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 24 वर्षों से अधिक समय का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के लिए क्राइम और रेलवे बिट पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। अखबार के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के लिए भी रविकांत रोचक व पठनीय कंटेंट देते रहते हैं। इनकी झारखंड की पत्रकारिता में गहरी पैठ है।


करियर का सफर
रविकांत झा ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2002 में दैनिक जागरण धनबाद से की थी। रविकांत वर्ष 2010 तक दैनिक जागरण धनबाद के साथ रहे। जागरण में वे शिक्षा, लाइफ स्टाइल एंड एंटरटेनमेंट के साथ रेलवे और धर्म-अध्यात्म व समाज जैसों विषयों को कवर करते थे। यह वह दौर था जब कागजों और पैक्स से पत्रकारिता कंप्यूटर और ई-मेल पर शिफ्ट हो रहा था। वर्ष 2010 में उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद का दामन थामा। वर्ष 2010 में मीडिया जगत में न्यू मीडिया का अंकुरण हो चुका था। हिन्दुस्तान में रहते उन्होंने क्राइम और रेलवे जैसी बिट पर अपनी गहरी पहचान बनाई। न्यू मीडिया के साथ तालमेल बैठाते हुए वे प्रिंट के साथ-साथ ‘लाइव हिन्दुस्तान’ के लिए भी बेहतर सामग्री दे रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि
B.COM (एकाउंट्स) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। कंप्यूटर में भी डिग्री कोर्स किया है। पत्रकारिता में रहते कई कानूनी कार्यशाला में शामिल हो चुके हैं। पत्रकारिता की अचार संहिता की बारीकी समझ है। हिन्दुस्तान की ओर से आयोजित मोबाइल जर्नलिज्म (MoJo) की कार्यशाला में भी हिस्सा ले चुके हैं। धनबाद के साथ-साथ झारखंड के अपराध और अपराधियों के क्रोनोलॉजी से वे वाकिफ हैं।


विशेषज्ञता
क्राइम (सामान्य अपराध के साथ-साथ सीबीआई, ईडी, सीआईडी, रेल क्राइम व नक्सल गतिविधि)
रेलवे (रेलवे में ईस्टर्न जोन की हर छोटी-बड़ी गतिविधि)
पैनल डिस्कशन का पेशेवर तरीके से संचालन

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