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राहुल का शव देख बेहोश हो गईं मां और पत्नी

धनबाद, प्रमुख संवाददाता। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में राहुल गुप्ता का शव देखकर उसकी मां और पत्नी बेहोश हो गईं। किसी तरह दोनों को संभाला गया।...

राहुल का शव देख बेहोश हो गईं मां और पत्नी
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हिन्दुस्तान टीम,धनबादThu, 20 Jun 2024 02:45 AM
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धनबाद, प्रमुख संवाददाता। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में राहुल गुप्ता का शव देखकर उसकी मां और पत्नी बेहोश हो गईं। किसी तरह दोनों को संभाला गया। जोड़ाफाटक रोड निवासी चूड़ी व्यवसायी राहुल घर का इकलौता था। उसके पिता की मौत हो गई थी। अपनी मां का सहारा राहुल भी मंगलवार की रात सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया। दोपहर 1.30 बजे राहुल की मां और पत्नी घर के अन्य सदस्यों के साथ इमरजेंसी पहुंची। वहां बेटे का शव देख पहले मां और फिर पत्नी बेहोश हो गईं। घरवालों ने दोनों को संभाला और वहां से बाहर ले गए। होश में आने के बाद मां दहाड़ मारकर रोने लगी।
सूख गए पत्नी की आंखों के आंसू: राहुल की पत्नी पत्थर-सी गई है। उसकी आंखों के आंसू तक सूख गए थे। उसके कदम पति के शव की तरफ नहीं बढ़ रहे थे। किसी तरह लोगों ने पति का चेहरा दिखाया। शव देखने के बाद थोड़े समय के लिए अचेत हो गई। इसके बाद बिल्कुल शांत। न कुछ बोला, न रोया और न ही कोई प्रतिक्रिया दी। राहुल का पांच साल का एक बेटा भी है।

बुझ गया घर का इकलौता चिराग: सड़क दुर्घटना में मारा गया बलियापुर के बेलगड़िया के न्यू कॉलोनी निवासी 15 वर्षीय विशाल पासवान घर का इकलौता चिराग था। डेढ़ महीने पहले ही रांगाटांड़ स्थित राहुल गुप्ता की चूड़ी दुकान में काम पकड़ा था। बेटे की मौत की सूचना पर इमरजेंसी पहुंचे विशाल के पिता राजेश पासवान का रो-रोकर बुरा हाल रहा। रोते हुए यही कह रहे थे कि घर का इकलौता चिराग उजड़ गया। राजेश ढ़ांगी मोड़ स्थित किसी फर्नीचर दुकान में काम करते थे। उन्होंने बताया कि उनकी कमाई से घर चलाना मुश्किल हो रहा था। तंगी के कारण बेटा काम करने लगा।

रात 11 बजे भाई से हुई थी अंतिम बार बात: घटना में बेलगाड़िया न्यू कॉलोनी निवासी सरयू साव के बेटे 20 वर्षी संकेत वर्मा की भी मौत हुई है। घटना की सूचना पर संकेत का बड़ा भाई करण कुमार वर्मा इमरजेंसी पहुंचा। बताया कि संकेत तीन-चार महीने से रांगाटांड़ चूड़ी दुकान में काम कर रहा था। आमतौर पर रात 9-10 बजे घर आ जाता था। मंगलवार की रात जब देर हुई, तो उसने 11 बजे संकेत को कॉल किया। उसने बताया कि वह मालिक के साथ बाहर है। एक-दो घंटे में घर लौट आएगा। संकेत के अनुसार भाई के साथ यह उसकी अंतिम बात थी। इसके बाद वह सो गया। सुबह में दुर्घटना की सूचना मिली और वह अस्पताल आया।

परिवार की मदद को करने लगा था काम: सड़क दुर्घटना में मृतक आनंद कुमार के घरवालों की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। बेलगाड़िया के न्यू कॉलोनी निवासी चुन्ना प्रसाद वर्मा का बेटा आनंद परिवार की मदद के लिए काम करने लगा था। उसकी उम्र मात्र 14 साल थी। घरवाले काम करने से मना कर रहे थे। बावजूद डेढ़-दो महीने पहले उसने राहुल गुप्ता की चूड़ी दुकान में काम पकड़ और रोज जा रहा था। आनंद दो भाइयों में छोटा था।

संकेत ने विशाल और आनंद को दिलाया था काम : सड़क दुर्घटना में मारे गए संकेत, विशाल और आनंद बलियापुर के बेलगड़िया की न्यू कॉलोनी के रहने वाले हैं। विशाल और आनंद अच्छे दोस्त भी थे। परिजनों ने बताया कि सबसे पहले संकेत को रांगाटांड़ स्थित राहुल गुप्ता की चूड़ी दुकान में काम मिला था। उसने विशाल और आनंद को वहां काम पर रखवाया था।

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