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प्राइवेट स्कूल संचालकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला

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झारखंड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की बैठक में सरकार के नए आदेश का विरोध किया गया। प्राइवेट स्कूलों की मान्यता के लिए फिर से आवेदन करने का आदेश का विरोध किया गया। संचालकों ने जमीन संबंधी बाध्यता खत्म करने और निरीक्षण शुल्क को हटाने की मांग की।

रविवार को एसोसिएशन की बैठक की अध्यक्षता एसके सिन्हा ने की। सचिव इरफान खान ने कहा कि आरटीई कानून के तहत निजी स्कूलों को मान्यता दी गई थी। सभी निजी स्कूलों से प्रपत्र-1 भरकर मान्यता जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में जमा किया गया था। साथ ही स्थलीय निरीक्षण संबंधित प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी से कराई गई। उसके बाद इसे रांची भेजा गया था। सात वर्षों तक यह फाइल रांची में पड़ रही लेकिन मान्यता नहीं दी गई। अब फिर से आवेदन करने को कहा जा रहा है, हम इसका विरोध करते हैं। एसोसिएशन ने सरकार से जमीन संबंधी बाध्यता समाप्त करने की मांग की है। साथ ही स्कूलों के निरीक्षण शुल्क और सवाधि जमा राशि को भी समाप्त करने की मांग की गई। स्कूलों की मान्यता संबंधित विचार के लिए जिला प्रारंभिक समिति के आकार को छोटा करने की मांग की गई। सह सचिव विशाल कुमार ने कहा कि आठ सितंबर को जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई है, इसमें सभी स्कूल संचालक भाग लेंगे। बैठक में प्रदेश इकाई की शाहिदा कमर, विकास श्रीवास्तव, सुधांशु शेखर, दिलीप विश्वकर्मा समेत अन्य थे।

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  • Web Title:Private school operators opened a front against the government