मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 145 मिनट बिजली गुल
धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 40 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में अनियमित बिजली कटौती से मरीजों की जांच और इलाज प्रभावित हो रहा है। बुधवार को बिजली न रहने से क्लीनिकल पैथोलॉजी की मशीनें ठप हो गईं, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला प्रशासन ने बिजली विभाग को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

धनबाद, अमित रंजन। 40 डिग्री सेल्सियस की प्रचंड गर्मी में अनियमित बिजली कटौती से मरीजों की जांच से लेकर इलाज तक प्रभावित हो रहा है। स्थिति है कि धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बुधवार को बिजली नहीं रहने से क्लीनिकल पैथोलॉजी की मशीनें गर्म होकर एक घंटे तक बंद रहीं। विभिन्न वार्डों के एसी बंद हो गए, जिससे मरीज परेशान रहे। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आंकड़े के अनुसार बुधवार की सुबह 10.30 बजे से शाम 7.30 बजे के बीच तीन चरणों में 145 मिनट बिजली गुल रही। यानी अस्पताल में नौ घंटे की अवधि में एक घंटे 25 मिनट तक बिजली नहीं रही, जिससे वहां अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई। बिजली संकट का सीधा असर मरीजों के इलाज, जांच व्यवस्था और अस्पताल की सेवाओं पर पड़ा। सबसे अधिक परेशानी अस्पताल की क्लीनिकल पैथोलॉजी में दिखी। बिजली नहीं रहने से यहां एसी बंद हो गया, जिससे अधिक गर्म होने के बाद जांच की मशीनें ठप पड़ गईं। इस कारण मरीजों की जरूरी जांच प्रभावित हुई और रिपोर्ट मिलने में देर हुई। यहां दो एसी लगे हैं, जिनमें सिर्फ एक चालू है। दूसरा खराब पड़ा है। अस्पताल के विभिन्न वार्डों, डॉक्टरों के चैंबर और अन्य महत्वपूर्ण जगहों के भी एसी बिजली कटते ही बंद हो गए। नतीजतन उमस भरी गर्मी में मरीजों, परिजनों और डॉक्टरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। आईसीयू, एचडीयू, शिशु रोग विभाग और सर्जरी वार्ड के गंभीर मरीजों को अधिक दिक्कत हुई। बिजली कटने से वार्डों में एसी बंद हो गए और गर्मी बढ़ गई, जिससे मरीज परेशान होने लगे। अधिकारियों की मानें तो यहां अनियमित बिजली कटौती हर दिन की समस्या बनी हुई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं लगातार प्रभावित हो रही हैं। जिला प्रशासन ने बिजली विभाग को अस्पतालों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। बावजूद पूरे दिन बिजली का आना-जाना जारी है।
बेकार पड़े हैं तीन-तीन जेनरेटर:
धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जेनरेटर की कमी नहीं है। कैंपस में कुल छह जेनरेटर हैं। कैथलैब के पीछे लगे 320 केबीए के जेनरेटर से बिजली कटने पर अस्पताल में आपूर्ति की जाती है। 250 केबीए के एक जेनरेटर से पीएसए (ऑक्सीजन) प्लांट को और 250 केबीए के एक जेनरेटर से ब्लड बैंक को बिजली आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा मेडिसिन विभाग के पास लगे 250-250 केबीए के तीन जेनरेटर को स्टैंड बाय के नाम पर हमेशा बंद रखा जाता है। भीषण गर्मी में भी उसे चालू नहीं किया गया। नतीजतन बिजली कटने पर अस्पताल के अधिकांश एसी बंद हो जाते हैं और मरीजों और डॉक्टरों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
सर्जिकल आईसीयू का एसी खराब:
धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी स्थित सर्जिकल आईसीयू का एसी काफी दिनों से खराब पड़ा है। बार-बार शिकायत के बाद भी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन उसे ठीक नहीं करा रहा है। वार्ड में सर्जरी के बाद मरीजों को रखा जाता है। भीषण गर्मी में मरीज हाथ के पंखे झूलाने पर मजबूर हैं।
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