थाना में रिसीविंग नहीं देनेवालों पर होगी कार्रवाई : एसएसपी

हिन्दुस्तान, धनबाद
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मंगलवार को पुलिस केंद्र में आयोजित पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन सहायक अवर निरीक्षकों को गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान एवं तकनीकी जांच के बारे में बताया गया। एसएसपी प्रभात कुमार ने शिकायतकर्ताओं की सुनवाई एवं आवेदनों की रिसीविंग देने पर जोर दिया। अधिकारियों ने आधुनिक अनुसंधान पद्धतियों तथा संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा पर चर्चा की।

थाना में रिसीविंग नहीं देनेवालों पर होगी कार्रवाई : एसएसपी

पुलिस केंद्र में मंगलवार को आयोजित पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर के दूसरे चरण के तीसरे दिन जिले के विभिन्न थानों और ओपी में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षकों (एएसआई) को गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और तकनीकी जांच के संबंध में बताया गया। एसएसपी प्रभात कुमार ने सभी अफसरों से कहा कि वे थाना में आने वाले शिकायतकर्ता को गंभीरता से सुनें। उनसे मिले आवेदनों की रिसीविंग उन्हें जरूर दें। प्रशिक्षिण सत्र में एसएसपी के अलावा सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव और ग्रामीण एसपी मोहम्मद याकूब भी उपस्थित थे। अधिकारियों ने आधुनिक अनुसंधान पद्धतियों, अपराध नियंत्रण रणनीतियों, नए आपराधिक कानूनों तथा तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के उपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

पेट्रोलिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए एसएसपी ने गश्ती दलों को संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान सत्यापित करने तथा उसकी विधिवत इंट्री डायरी में दर्ज करने को कहा। बैंक, एटीएम, पेट्रोल पंप, ज्वेलरी दुकानों एवं अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी करने को कहा गया। अड्डाबाजी के विरुद्ध निरंतर प्रभावी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया।

Ravikant Jha

लेखक के बारे में

Ravikant Jha

शॉर्ट बायो : रविकांत झा पिछले 24 वर्षों से पत्रकारिता फील्ड में हूं। फिलहाल ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद में चीफ रिपोर्टर की भूमिका में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा हूं।


परिचय एवं अनुभव
रविकांत झा झारखंड के मीडिया जगत के एक जानेमाने नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 24 वर्षों से अधिक समय का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के लिए क्राइम और रेलवे बिट पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। अखबार के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के लिए भी रविकांत रोचक व पठनीय कंटेंट देते रहते हैं। इनकी झारखंड की पत्रकारिता में गहरी पैठ है।


करियर का सफर
रविकांत झा ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2002 में दैनिक जागरण धनबाद से की थी। रविकांत वर्ष 2010 तक दैनिक जागरण धनबाद के साथ रहे। जागरण में वे शिक्षा, लाइफ स्टाइल एंड एंटरटेनमेंट के साथ रेलवे और धर्म-अध्यात्म व समाज जैसों विषयों को कवर करते थे। यह वह दौर था जब कागजों और पैक्स से पत्रकारिता कंप्यूटर और ई-मेल पर शिफ्ट हो रहा था। वर्ष 2010 में उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद का दामन थामा। वर्ष 2010 में मीडिया जगत में न्यू मीडिया का अंकुरण हो चुका था। हिन्दुस्तान में रहते उन्होंने क्राइम और रेलवे जैसी बिट पर अपनी गहरी पहचान बनाई। न्यू मीडिया के साथ तालमेल बैठाते हुए वे प्रिंट के साथ-साथ ‘लाइव हिन्दुस्तान’ के लिए भी बेहतर सामग्री दे रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि
B.COM (एकाउंट्स) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। कंप्यूटर में भी डिग्री कोर्स किया है। पत्रकारिता में रहते कई कानूनी कार्यशाला में शामिल हो चुके हैं। पत्रकारिता की अचार संहिता की बारीकी समझ है। हिन्दुस्तान की ओर से आयोजित मोबाइल जर्नलिज्म (MoJo) की कार्यशाला में भी हिस्सा ले चुके हैं। धनबाद के साथ-साथ झारखंड के अपराध और अपराधियों के क्रोनोलॉजी से वे वाकिफ हैं।


विशेषज्ञता
क्राइम (सामान्य अपराध के साथ-साथ सीबीआई, ईडी, सीआईडी, रेल क्राइम व नक्सल गतिविधि)
रेलवे (रेलवे में ईस्टर्न जोन की हर छोटी-बड़ी गतिविधि)
पैनल डिस्कशन का पेशेवर तरीके से संचालन

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