Dhanbad News: मेयर के वकील की हत्या की साजिश में प्रिंस का गुर्गा गिरफ्तार

हिन्दुस्तान, धनबाद
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Dhanbad News: पुलिस की सक्रियता से झरिया निवासी और मेयर संजीव सिंह के अधिवक्ता रहे मोहम्मद जावेद की हत्या की साजिश नाकाम हो गई। वासेपुर के कुख्यात प्रिंस खान के गुर्गे आसिफ आलम को गिरफ्तार किया गया। आसिफ जेल में रहकर रंगदारी वसूलने की योजना बना रहा था।

Dhanbad News: मेयर के वकील की हत्या की साजिश में प्रिंस का गुर्गा गिरफ्तार

Dhanbad News: पुलिस की सक्रियता से झरिया निवासी और मेयर संजीव सिंह के अधिवक्ता रहे मोहम्मद जावेद की हत्या की साजिश नाकाम हो गया। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वासेपुर के कुख्यात प्रिंस खान के एक गुर्गे को दबोचा है। बैंक मोड़ स्थित मुथूट फिनकार्प में छह सितंबर 2022 को डकैती करने पहुंचे समस्तीपुर चकनौर के आसिफ ने जावेद की हत्या की साजिश रची थी। मौके से ही उसके साथी के एनकाउंटर के बाद पुलिस ने आसिफ को दबोचा था। फिलहाल वह रामगढ़ जेल में दूसरी डकैती मामले में बंद है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर प्रकाश सोय ने शनिवार की दोपहर यह खुलासा किया। पकड़े गए आरोपी की पहचान निचितपुर टाउनशिप ईस्ट बसुरिया शिव मंदिर के पास रहने वाले आसिफ आलम के रूप में हुई। वह प्रिंस खान गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा है। आसिफ के पास से एक देशी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और एक मोबाइल जब्त किए गए हैं।

डकैत आसिफ का वकील रहे हैं जावेद

डीएसपी ने बताया कि 11 सितंबर की रात आसिफ अपने दोस्त पासवान चौक आजाद नगर भूली निवासी अमन पंडित के अलावा समस्तीपुर से बुलाए गए दो पेशेवर शूटरों के साथ भूली ओपी के सी-ब्लॉक छठ घाट के पास सुनसान जगह पर जुटा था। गुप्त सूचना पर भूली ओपी प्रभारी विश्वजीत ठाकुर ने टीम के साथ दबिश देकर आसिफ आलम को दबोच लिया, जबकि अमन और बाकी दोनों शूटर वहां से निकल गए। पुलिस तीनों की खोजबीन में जुटी है।

डकैत आसिफ जेल में बैठ धनबाद में रंगदारी की कर रहा प्लानिंग

अधिवक्ता पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या मामले में मेयर संजीव सिंह के वकील रहे हैं। वह मुथूट डकैतीकांड में पकड़े गए समस्तीपुर के आसिफ के भी वकील रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि वकालतन पैरवी को लेकर ही उसने अधिवक्ता को टारगेट किया था, हालांकि पुलिस की ओर से साजिश के कारणों का खुलासा नहीं किया गया।

प्रिंस के लिए तीन कांडों में जेल जा चुका है आसिफ आलम

गिरफ्तार आसिफ आलम ने पुलिस को बताया कि रामगढ़ जेल में बंद आसिफ धनबाद में कारोबारियों से रंगदारी वसूलने की योजना बना रहा है। आसिफ के कहने पर उसने अमन पंडित के साथ मिल कर झरिया में जावेद के घर की रेकी भी की थी। वे लोग धनबाद में कई अन्य व्यवसायियों पर भी फायरिंग करने वाले थे। आसिफ ने बताया कि रामगढ़ जेल मे बंद आसिफ से वह व्हाट्सएप, फेसबुक मैसेंजर और जंगी एप के जरिए से बातचीत करता था।

प्रिंस के लिए तीन कांडों में जेल जा चुका है आसिफ आलम

गिरफ्तार आसिफ आलम प्रिंस खान गिरोह से सक्रिय रूप से जुड़ा था। नन्हे हत्याकांड के बाद 25 नवंबर 2021 को प्रिंस खान के घर पर हुई छापेमारी में मिले हथियार व अन्य आपत्तिजन सामान मामले में प्रिंस के मां-बाप व भाइयों के साथ आसिफ आलम सहित 19 के खिलाफ बैंक मोड़ थाना में मामला दर्ज हुआ था। शमशेर नगर रेलवे गेट नंबर एक के पास रहने वाले मछली कारोबारी रशीद महाजन के घर फायरिंग में भी आसिफ की संलिप्तता उजागर हुई थी। साथ ही दो जुलाई 2023 को बैंक मोड़ के तत्कालीन थाना प्रभारी प्रभात रंजन पांडेय ने उसे गुलजार बाग ओवरब्रिज के नीचे से कई लड़कों के साथ पकड़ा था। इस मामले में आसिफ और प्रिंस खान के साले अदनान इमाम उर्फ अंडा सहित छह लोगों को आरोपी बनाया गया था.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

✦मोहम्मद जावेद की हत्या की साजिश किसने रची थी?−
मोहम्मद जावेद की हत्या की साजिश समस्तीपुर चकनौर के आसिफ ने रची थी।
Ravikant Jha

लेखक के बारे में

Ravikant Jha

शॉर्ट बायो : रविकांत झा पिछले 24 वर्षों से पत्रकारिता फील्ड में हूं। फिलहाल ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद में चीफ रिपोर्टर की भूमिका में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा हूं।


परिचय एवं अनुभव
रविकांत झा झारखंड के मीडिया जगत के एक जानेमाने नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 24 वर्षों से अधिक समय का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के लिए क्राइम और रेलवे बिट पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। अखबार के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के लिए भी रविकांत रोचक व पठनीय कंटेंट देते रहते हैं। इनकी झारखंड की पत्रकारिता में गहरी पैठ है।


करियर का सफर
रविकांत झा ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2002 में दैनिक जागरण धनबाद से की थी। रविकांत वर्ष 2010 तक दैनिक जागरण धनबाद के साथ रहे। जागरण में वे शिक्षा, लाइफ स्टाइल एंड एंटरटेनमेंट के साथ रेलवे और धर्म-अध्यात्म व समाज जैसों विषयों को कवर करते थे। यह वह दौर था जब कागजों और पैक्स से पत्रकारिता कंप्यूटर और ई-मेल पर शिफ्ट हो रहा था। वर्ष 2010 में उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद का दामन थामा। वर्ष 2010 में मीडिया जगत में न्यू मीडिया का अंकुरण हो चुका था। हिन्दुस्तान में रहते उन्होंने क्राइम और रेलवे जैसी बिट पर अपनी गहरी पहचान बनाई। न्यू मीडिया के साथ तालमेल बैठाते हुए वे प्रिंट के साथ-साथ ‘लाइव हिन्दुस्तान’ के लिए भी बेहतर सामग्री दे रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि
B.COM (एकाउंट्स) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। कंप्यूटर में भी डिग्री कोर्स किया है। पत्रकारिता में रहते कई कानूनी कार्यशाला में शामिल हो चुके हैं। पत्रकारिता की अचार संहिता की बारीकी समझ है। हिन्दुस्तान की ओर से आयोजित मोबाइल जर्नलिज्म (MoJo) की कार्यशाला में भी हिस्सा ले चुके हैं। धनबाद के साथ-साथ झारखंड के अपराध और अपराधियों के क्रोनोलॉजी से वे वाकिफ हैं।


विशेषज्ञता
क्राइम (सामान्य अपराध के साथ-साथ सीबीआई, ईडी, सीआईडी, रेल क्राइम व नक्सल गतिविधि)
रेलवे (रेलवे में ईस्टर्न जोन की हर छोटी-बड़ी गतिविधि)
पैनल डिस्कशन का पेशेवर तरीके से संचालन

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