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पीएमसीएच को मान्यता बचाने के लिए 10 दिन की मोहलत

पीएमसीएच को अपनी मान्यता बचाने के लिए एमसीआई ने 10 दिन की मोहलत दी है। झारखंड सरकार को पत्र भेज कर फैकल्टी, सीनियर रजिडेंट और पाइप लाइन से ऑक्सीजन की आपूर्ति पर कंप्लायंस रिपोर्ट मांगी है। एमसीआई के इस पत्र से झारखंड सरकार और पीएमसीएच के अधिकारी सकते में हैं। सारी कमियां यथावत हैं। अधिकारी तय नहीं कर पा रहे कि रिपोर्ट में क्या भेजी जाए। पीएमसीएच के एक वरीय अधिकारी की मानें तो सरकार बहाली के विज्ञापन को आधार बनाकर कंप्लायंस रिपोर्ट भेजने की तैयारी में है।

यह है मामला

अप्रैल 2018 में एमसीआई की टीम ने पीएमसीएच का असेस्मेंट किया था। अपनी रिपोर्ट के आधार पर एमसीआई ने फैकल्टी की कमी समेत अन्य मामलों को आधार बना कर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को रिपोर्ट भेज दी थी। रिपोर्ट में पीएमसीएच की मान्यता रद्द करने की सिफरिश की गयी थी। केन्द्रीय मंत्रालय ने झारखंड सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया था। 15 मई को झारखंड सरकार के अधिकारियों ने दिल्ली में केन्द्रीय मंत्रालय के समक्ष अपना पक्ष रखा है। झारखंड सरकार की ओर से केन्द्रीय मंत्रालय को हलफनामा भी दिया गया था, जिसमें जून के अंत तक कमियां दूर करने की बात कही गयी थी।

समय खत्म होते ही मांग दी रिपोर्ट

गुरुवार को मई माह का अंतिम दिन है। हलफनामे के अनुसार कमियां दूर होने की समय सीमा इस दिन समाप्त हो रही है। इसके पहले ही एमसीआई ने कंप्लायंस रिपोर्ट मांग दी है।

यह है वर्तमान स्थिति

- टीचिंग फैकल्टी : मार्च में हुए असेस्मेंट के दौरान पीएमसीएच में टीचिंग फैकल्टी के 106 पद के विरुद्ध मात्र 46 (43.39 प्रतिशत कम) कार्यरत थे। स्थिति यथावत है। सेवानिवृत्त चिकित्सकों को अनुबंध पर रखने के लिए बुधवार को विज्ञापन निकाला गया है।

- सीनियर रेजिडेंट : असेस्मेंट के दिन रेजिडेंट के 62 पद के विरुद्ध मात्र 27 कार्यरत थे। एक सप्ताह पहले 13 पदों पर बहाली निकाली गयी है।

- ऑक्सीजन पाइप लाइन : ओटी और आईसीयू जैसे संवेदनशील वार्डों के अलावा कहीं भी पाइप लाइन की व्यवस्था नहीं है।

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  • Web Title:PMCH to defer the validity of 10 days