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पीसीओएस बीमारी से बांझपन का खतरा : डां संगीता करण

पीसीओएस बीमारी से बांझपन का खतरा : डां संगीता करण

भाग दौड़ भरी लाइफस्टाइल, जंक फूड का ज्यादा इस्तेमाल, कम फिजिकल एफर्ट और स्ट्रेस के कारण पॉलिसिस्टक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओएस) नामक बीमारी का खतरा बना रहता है। महिलाएं इस बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। हॉर्मोन डिसबैलेंस के कारण होने वाली इस बीमारी से महिलाओं में कई गंभीर दिक्कतें पैदा हो रही हैं। बांझपन (इंफर्टिलिटी) इसमें प्रमुख है। ये कहना है स्त्री एवं प्रसव रोग विशेषज्ञ डॉ संगीता करण का। डॉ करण रविवार को हीरापुर पार्क क्लिनिक में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में जानकारी दे रही थीं। उन्होंने कहा कि लड़कियां हर महीने ओवरी एग रिलीज करती है। जब महिला में मेल हॉर्मोन और फीमेल हॉर्मोन का बैलेंस बिगड़ता है, तो शरीर में बढ़े हुए मेल हॉर्मोन एंड्रोजन ओवरी में अंडे को सिस्ट या गांठों में बदल देते हैं। इससे एग रिलीज नहीं होता और पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं। आगे जाकर महिलाओं में बांझपन होने की आशंका बढ़ जाती है। लक्षण - चेहरे पर सामान्य से अधिक बालों का बढ़ना - महावारी में अनियमितता - बांझपन - मुंहासे - वजन तेजी से बढ़ना - सोते समय सांस रुकना बचान के उपाय - महीने की साइकल को समझें। - शरीर के बदलावों को ले सचेतरहें। •- संतुलित भोजन खाएं। - जंक फूड, तला, भुना और प्रॉसेस्ड फूड से दूर रहें। - हर रोज सुबह एक घंटे एक्सरसाइज या वॉक करें। - स्ट्रेस (तनाव) न लें। -•लक्षण दिखे तो डॉक्टर से मिलें।

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  • Web Title:PCOS disease threatens infertility