मरीज की मौत पर असर्फी हॉस्पिटल में जमकर हंगामा
धनबाद, प्रमुख संवाददाता। असर्फी हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर बकाया राशि के नाम पर शव रोकने का आरोप लगाया। आर्थिक तंगी के कारण परिजन राशि जमा नहीं कर सके। ग्रामीणों के दबाव के बाद अस्पताल प्रबंधन ने शव परिजनों को सौंप दिया।

धनबाद, प्रमुख संवाददाता। असर्फी हॉस्पिटल में रविवार को मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर बकाया राशि के नाम पर शव रोकने का आरोप लगाया। बताया गया कि कतरास के बरोरा निवासी विष्णु महतो की पत्नी सुगीया कुमारी शनिवार को सड़क हादसे में घायल हो गई थीं। उन्हें इलाज के लिए असर्फी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
मृतका के परिजनों का आरोप
परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान वे पहले ही 65 हजार रुपए जमा कर चुके थे। असर्फी हॉस्पिटल ने रविवार को मरीज की मौत की सूचना दी और शव देने से पहले 34 हजार रुपए और जमा कराने को कहा। आर्थिक तंगी के कारण परिजन राशि जमा नहीं कर सके। आरोप है कि असर्फी हॉस्पिटल ने बिना पैसा दिए शव देने से इनकार कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और हंगामा कर प्रबंधन पर शव देने के लिए दबाव बनाने लगे। हंगामे के कारण अस्पताल परिसर में अफरातफरी की स्थिति बन गई।
ग्रामीणों का दबाव
ग्रामीणों के दबाव के बाद अस्पताल प्रबंधन ने शव परिजनों को सौंप दिया। पूरे मामले में असर्फी के सीईओ हरेंद्र सिंह ने कहा कि इलाज का 20 हजार रुपए बकाया था, जिसकी मांग की जा रही थी। परिजनों ने पैसे देने में असमर्थता जताई। इसके बाद उन्हें बिना पैसे लिए शव सौंप दिया गया।
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