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19 अक्तूबर, 2020|3:25|IST

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नई शिक्षा नीति से बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा आएगी सामने

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विद्या विकास समिति रांची के तत्वावधान में नई शिक्षा नीति पर ऑनलाइन गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें धनबाद जिला के सरस्वती विद्या मंदिरों के प्राचार्य एवं शिक्षक शिक्षिकाओं ने भाग लिया। गोष्ठी की शुरुआत मां शारदे के समक्ष पुष्पार्चन एवं वंदना के साथ हुई।

कार्यक्रम की भूमिका राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर धनबाद के प्राचार्य सुमन्त कुमार मिश्रा ने रखी। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति शिक्षा की मूल महत्ता को समझाने वाली होगी। इस नीति से बच्चे अपनी विशिष्ट पहचान बनायेंगे। उनके अंदर निहित प्रतिभा बाहर आएगी। बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा एवं विश्व पटल पर भारत की नई पहचान बनेगी। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के कुलपति अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि नई शिक्षा नीति से भारत ज्ञान आधारित महाशक्ति बनेगा। बच्चों में स्वाभिमान विकसित होगा एवं शिक्षा जन-जन तक पहुँचेगी। इस नीति से बच्चों के लिए विद्यालय उनके घर का विस्तारीकरण होगा। गोष्ठी की अध्यक्षता विद्या भारती के उत्तर पूर्व क्षेत्र के क्षेत्रीय सचिव मुकेश नन्दन ने की। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति माटी से जुड़ कर शिक्षा देने वाली नीति है। इस शिक्षा से देश की पहचान बनेगी। मैकाले की शिक्षा नीति ने देश एवं देशवासियों को भ्रमित कर रखा। अतिथि परिचय राजकमल के उप प्राचार्य मनोज कुमार, मंच संचालन संत कुमार श्रीवास्तव, धन्यवाद ज्ञापन संभाग निरीक्षक अमर कांत झा एवं शांति मंत्र का पाठ प्रभारी परिमल चंद्र झा ने कराया। गोष्ठी को गुरु नानक कॉलेज की प्राचार्या डॉ संगीता नाथ, प्रो संजय सिन्हा, समाज सेविका डॉ मीतू सिन्हा, सिनीडीह विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य मदन मोहन मिश्र ने भी संबोधित किया। यह जानकारी राजकमल विद्यालय के मीडिया प्रभारी तापस कुमार घोष ने दी है।

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  • Web Title:New education policy will reveal hidden talent inside children