रेलवे ने केवीएस से किया अनुबंध, बरवाडीह में खुलेगा सेंट्रल स्कूल
धनबाद रेल मंडल के बरवाडीह में नया केंद्रीय स्कूल खोला जाएगा। रेलवे ने केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के साथ अनुबंध किया है। यह अनुबंध स्कूल के संचालन और विकास के लिए आवश्यक ढांचा स्थापित करता है। प्रारंभ में, स्कूल का संचालन रेलवे के भवन में अस्थायी रूप से किया जाएगा।

धनबाद रेल मंडल के बरवाडीह में नया सेंट्रल स्कूल खुलेगा। शुक्रवार को रेलवे ने इसके लिए डीआरएम कार्यालय में केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) से अनुबंध किया। बरवाडीह में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए रेलवे प्रशासन की ओर से डीआरएम अखिलेश मिश्र ने केंद्रीय विद्यालय संगठन के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किया। इस अनुबंध के माध्यम से बरवाडीह में केंद्रीय विद्यालय के संचालन एवं भविष्य में इसके स्थायी विकास की आवश्यक संस्थागत, प्रशासनिक ढांचा औपचारिक रूप से स्थापित हो गया। स्कूल के संचालन के लिए 35 वर्षों की लीज पर 9.686 एकड़ रेलवे भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूर्व में पूरी की जा चुकी है, जिससे स्कूल के स्थायी भवन निर्माण का मार्ग पूर्णतः प्रशस्त हो चुका है।
अनुबंध के हस्ताक्षर के बाद केंद्रीय विद्यालय संगठन के स्तर पर स्कूल के जल्द शुरुआत के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक चरण में स्कूल का संचालन रेलवे के भवन में अस्थायी रूप से किया जाएगा। इसके लिए रेलवे प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। अनुबंध पर हस्ताक्षर के दौरान सीनियर डीपीओ अशोक कुमार आदि उपस्थित थे।
लेखक के बारे में
Ravikant Jhaशॉर्ट बायो : रविकांत झा पिछले 24 वर्षों से पत्रकारिता फील्ड में हूं। फिलहाल ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद में चीफ रिपोर्टर की भूमिका में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा हूं।
परिचय एवं अनुभव
रविकांत झा झारखंड के मीडिया जगत के एक जानेमाने नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 24 वर्षों से अधिक समय का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के लिए क्राइम और रेलवे बिट पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। अखबार के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के लिए भी रविकांत रोचक व पठनीय कंटेंट देते रहते हैं। इनकी झारखंड की पत्रकारिता में गहरी पैठ है।
करियर का सफर
रविकांत झा ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2002 में दैनिक जागरण धनबाद से की थी। रविकांत वर्ष 2010 तक दैनिक जागरण धनबाद के साथ रहे। जागरण में वे शिक्षा, लाइफ स्टाइल एंड एंटरटेनमेंट के साथ रेलवे और धर्म-अध्यात्म व समाज जैसों विषयों को कवर करते थे। यह वह दौर था जब कागजों और पैक्स से पत्रकारिता कंप्यूटर और ई-मेल पर शिफ्ट हो रहा था। वर्ष 2010 में उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद का दामन थामा। वर्ष 2010 में मीडिया जगत में न्यू मीडिया का अंकुरण हो चुका था। हिन्दुस्तान में रहते उन्होंने क्राइम और रेलवे जैसी बिट पर अपनी गहरी पहचान बनाई। न्यू मीडिया के साथ तालमेल बैठाते हुए वे प्रिंट के साथ-साथ ‘लाइव हिन्दुस्तान’ के लिए भी बेहतर सामग्री दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
B.COM (एकाउंट्स) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। कंप्यूटर में भी डिग्री कोर्स किया है। पत्रकारिता में रहते कई कानूनी कार्यशाला में शामिल हो चुके हैं। पत्रकारिता की अचार संहिता की बारीकी समझ है। हिन्दुस्तान की ओर से आयोजित मोबाइल जर्नलिज्म (MoJo) की कार्यशाला में भी हिस्सा ले चुके हैं। धनबाद के साथ-साथ झारखंड के अपराध और अपराधियों के क्रोनोलॉजी से वे वाकिफ हैं।
विशेषज्ञता
क्राइम (सामान्य अपराध के साथ-साथ सीबीआई, ईडी, सीआईडी, रेल क्राइम व नक्सल गतिविधि)
रेलवे (रेलवे में ईस्टर्न जोन की हर छोटी-बड़ी गतिविधि)
पैनल डिस्कशन का पेशेवर तरीके से संचालन
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