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बैंकों में लटके रहे ताले, पांच हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित

बैंकों में लटके रहे ताले, पांच हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित

संक्षेप:

धनबाद में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की हड़ताल का असर सभी 14 बैंकों पर पड़ा, जिससे 5000 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। बैंक कर्मचारी हड़ताल के दौरान 5-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग कर रहे हैं। ग्राहक परेशान होकर लौटे।

Jan 28, 2026 02:27 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, धनबाद
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धनबाद, प्रमुख संवाददाता पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह (फाइव डे वर्किंग) की मांग को लेकर मंगलवार को देशभर के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर आयोजित एकदिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का कोयलांचल में व्यापक असर दिखा। जिले में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, कैनरा बैंक और इंडियन बैंक समेत सभी 14 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कुल 248 शाखाओं में पूरे दिन ताला लटका रहा। यूनियन नेताओं के अनुसार इस हड़ताल के कारण सिर्फ धनबाद में लगभग पांच हजार करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है।

हड़ताल के दौरान बैंक कर्मियों ने बैंकमोड़ स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि केंद्र सरकार इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट के तहत बनी पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की कानूनी सहमति नहीं दे रही है। बैंक यूनियन लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन कार्यप्रणाली लागू करने की मांग कर रही है। बावजूद सरकार की ओर से इस संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। बाध्य होकर बैंक कर्मियों ने एकदिवसीय हड़ताल की है। बैंक यूनियन का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में कर्मचारियों को केवल रविवार और महीने के दूसरे व चौथे शनिवार को ही अवकाश मिलता है जबकि अन्य सरकारी विभागों में पहले से ही पांच दिवसीय कार्यप्रणाली लागू है। यूनियन नेताओं ने बताया कि वर्ष 2024 में सरकार और बैंक यूनियनों के बीच फाइव डे वर्किंग को लेकर सहमति बन चुकी है, लेकिन अब तक इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी है। हड़ताली कर्मचारियों का मानना है कि पांच दिवसीय कार्यप्रणाली लागू होने से कार्य और जीवन के बीच संतुलन बेहतर होगा। हालांकि हड़ताल के दौरान यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहीं। निजी क्षेत्र के बैंक खुले रहे। बैंक अधिकारियेां की मानें तो तकनीकी कारणों से बंद पड़े कुछ एटीएम को छोड़ दें तो जिला के सभी 251 एटीएम से लेनदेन होता रहा। बैंक कर्मचारी प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हैं। इसके बादले उन्हें सप्ताह में दो दिन शनिवार और रविवार को छुट्टी मिलनी चाहिए। काम के साथ शारिरिक, मानसिक और पारिवारिक संतुलन को बनाए रखने के लिए यह जरूरी है। जब सरकार ने मांग पर विचार नहीं किया तो बाध्य होकर यह आंदोलन करना पड़ रहा है। -रंजीत कुमार जायसवाल, जोनल सेक्रेट्री, एसबीआई फाइव डे वर्किंग की मांग लंबे समय से चल रही है। बैंकों को छोड़ आरबीआई समेत सभी वित्तीय संस्थान में यह लागू है। सरकार बैंक कर्मियों को इसका लाभ नहीं दे रही है। नतीजा कर्मियों को एक दिवसीय हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा। -रवि सिंह, एसबीआई ------------- परेशान रहे ग्राहक हड़ताल का सीधा असर आमलोगों पर पड़ा। लगातार तीन दिनों के अवकाश के बाद चौथे दिन बैंक बंद रहने से ग्राहकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। विशेष रूप से नकद जमा और निकासी के लिए पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बुजुर्ग शामिल थे। इन्हें बिना काम निपटाए वापस जाना पड़ा। कई ग्राहकों ने कहा कि बैंक बंद रहने से उनकी रोजमर्रा की जरूरतें प्रभावित हुई हैं। ग्राहकों से बातचीत घर के जरूरी काम को नहीं निकाल सकी पैसे भूदा निवासी पूनम देवी इंडियन बैंक का पासबुक लेकर कोर्ट मोड़ स्थित इंडियन बैंक पहुंची। यहां बैंक में ताला लगा था। पूनम देवी के अनुसार उन्हें पैसे की काफी जरूरत है। साइबर ठगी के डर से एटीएम नहीं रखतीं। बैंक आकर ही पैसे का लेनदेन करती हैं। पारिवारिक कारणों से पैसे की काफी जरूरत है, लेकिन बैंक बंद है। इलाज के लिए पैसे नहीं भेज पाए घर कानपुर निवासी एहसान ने करमाटांड़ के मेले में दुकान लगाई है। घर पर किसी की तबीयत खराब है। इलाज के लिए घर से पैसे की मांग की गई थी। पैसे लेकर एहसान यूनियन बैंक के कई एटीएम में कैश डिपॉजिट मशीन (सीडीएम) ढूंढ़ा। यह मशीन उन्हें हेम टावर में मिली, लेकिन उसमें कैश डिपॉजिट नहीं हुआ। बताने के लिए या जानकारी देने के लिए कोई गार्ड भी नहीं था। एहसान कहते हैं कि पैसा रहते परिवार की मदद नहीं कर पा रहा हूं। इससे बड़ी मजबूरी क्या हो सकती है।

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