My life has changed since I found Christ - जिंदगी मेरी बदल गई, जब से मसीह को पाया है... DA Image
21 नबम्बर, 2019|12:39|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जिंदगी मेरी बदल गई, जब से मसीह को पाया है...

जिंदगी मेरी बदल गई, जब से मसीह को पाया है...

संत एंथोनी चर्च में रविवार को पहला परम प्रसाद ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया है। परमप्रसाद ग्रहण संस्कार समारोह में 10 बच्चे और बच्चियां सफेद वस्त्र पहन हाथों में प्रदीप्त मोमबत्ती लिए संस्कार में शामिल हुए। इस दौरान जिंदगी मेरी बदल गई, जब से मसीह को पाया है... गीत से पूरे संत एंथोनी चर्च का हॉल गूंज उठा। परम प्रसाद ग्रहण संस्कार ईसाई धर्मावलंबियों के सात महानतम संस्कारों में एक है। चर्च की ओर से परम प्रसाद ग्रहण करनेवाले बच्चों को प्रमाण पत्र दिया गया।

पहला परमप्रसाद ग्रहण करनेवाले बच्चों में शुभम प्रतीक तिर्की, राहुल विलियम खाखा, बबली लकड़ा, अदित्या, अपूर्वा लुगुन, ईशान मुर्मू, सिरिल सनेल, अनुष्का खाखा, अनमोल खलको, अमित आनुषु और रिचर्ड स्मित शामिल हैं। समारोह में पूर्व सेवक ने सफेद वस्त्र पहने क्रूस और मोमबत्ती लिए दस बच्चे-बच्चियां नृत्य करते हुए वेदी तक लाए गए। इसके बाद प्रार्थना समारोह हुआ।

दृढ़ता के लिए पहला परमप्रसाद ग्रहण संस्कार

पहला परम प्रसाद ग्रहण संस्कार में चर्च के फादर ने रोटी और दाखरस पहली बार ग्रहण कर रहे बच्चे और बच्चियां को दिया और कहा कि यह लो और खाओ यह मेरा शरीर है, जो तुम्हारे जीवन के लिए और उसके बाद पीने को दाखरस देते हुए कहते है इसे लो और पीओ यह मेरा लहू है, जो तुम्हारे लिए बहाया जाएगा। यह संस्कार ईसाई विश्वास में दृढ़ होने लिए ग्रहण कराया जाता है। इस मौके पर चर्च के फादर ज्ञान प्रकाश टोपनो ने अपने उद्घोष में कहा कि हमारा ईश्वर मृतकों का ईश्वर नहीं, वरन जीवितों का ईश्वर है। उसी जीवित प्रभु यीशु ने कहा है कि मैं वह जीवंत रोटी हूं, जो स्वर्ग से उतरी है। जो कोई इस रोटी को खाता है, वह कभी मरता नहीं बल्कि अनंत जीवन को प्राप्त करता है। मरने के बाद भी हम जीवित रहते हैं। हमारा यीशु ख्रीस्त हमें अनंत जीवन प्रदान करता है। परमप्रसाद संस्कार इसी बात का ज्वलंत उदाहरण है कि किस तरह प्रभु यीशु स्वयं अपने आपको हमारे शरीर में प्रवेश करने देते हैं और इस तरह हम जीवंत ईश्वर का दर्शन करते हैं। क्योंकि जो कोई भी इस परमप्रसाद को खाता है, वह मुझमे और मैं उसमें बना रहता हूं। समारोह सफल बनाने में विमल खाखा, हेरमन बागे, शिशिर प्रभात तिर्की, दीपक खोया सहित अन्य की सराहनीय भूमिका रही।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:My life has changed since I found Christ