हीरापुर श्मशान रोड में मिला युवक का शव, हत्या की एफआईआर

हिन्दुस्तान, धनबाद
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धनबाद थाना क्षेत्र के हीरापुर चिरागोड़ा श्मशान रोड पर एक युवक का शव मिला है। मृतक की पहचान 42 वर्षीय राजेश कुमार के रूप में हुई है। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है और पुलिस पर समय पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। पुलिस जांच कर रही है कि राजेश की मौत जहर खाने से हुई या किसी ने उसे जबरन जहर दिया।

हीरापुर श्मशान रोड में मिला युवक का शव, हत्या की एफआईआर

धनबाद थाना क्षेत्र के हीरापुर चिरागोड़ा श्मशान रोड स्थित एक मैदान में मंगलवार की सुबह एक युवक का शव मिला। शव की पहचान माडा कॉलोनी प्रेम नगर निवासी 42 वर्षीय राजेश कुमार उर्फ राजेश चंद्रवंशी के रूप में हुई। परिजनों ने राजेश की हत्या का आरोप लगाते हुए कोर्ट मोड़ रणधीर वर्मा चौक पर सड़क जाम कर दी। घर वालों ने शिकायत के बावजूद पुलिस पर समय पर कार्रवाई नहीं करने का भी आरोप लगाया। मृतक के भाई नीरज कुमार की शिकायत पर धनबाद थाना में हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई। नीरज ने बताया कि राजेश हीरापुर हटिया मोड़ में फुटपाथ पर मोबाइल में गाने अपलोड करता था। सोमवार की शाम करीब सात बजे जब वह भाई की दुकान पर गए तो बड़े भाई (मृतक) ने बताया कि नूतनडीह के गौतम कुमार ने शाम छह बजे उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। धमकी दी कि यदि कर्ज का सूद नहीं दिया तो जान से मार देंगे। इसके बाद नीरज अपने घर लौट गया। रात 10 बजे तक जब राजेश घर नहीं आया तो नीरज अपने दोस्तों के साथ मिल कर कई बार राजेश के मोबाइल पर फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर से खोजबीन शुरू की।

पुलिस पर रात में कार्रवाई नहीं करने का आरोप

राजेश के आसपास के दुकानदारों से जानकारी मिली कि रात 10 बजे ही दुकान बंद कर राजेश जा चुका था। सुबह करीब साढ़े पांच बजे एक दोस्त ने फोन कर नीरज को उसके भाई का शव श्मशान रोड मैदान विकास भारती क्लब के पास मिलने की बात बताई।

मृतक का भाई नीरज कुमार ने बताया कि अन्य दोस्तों के साथ रात करीब एक बजे धनबाद थाना गए थे। वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अफसर को भाई की गुमशुदगी की बात बताई। नीरज ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी शिकायत नहीं सुनी और सुबह आठ बजे आने को कहा। पुलिस ने भाई को अपने स्तर से भी खोजबीन करने को कहा। वे लोग रातभर राजेश को खोजते रहे। शव मिलने की खबर पर श्मशान रोड में लोगों की भीड़ जुट गई। मामले की जानकारी पर धनबाद थाना की पुलिस थाना प्रभारी मनोज कुमार पांडेय के साथ मौके पर पहुंची। आक्रोशित परिजन और आसपास के लोग रणधीर वर्मा चौक पर शव के साथ सड़क को जाम कर दिया।

विधायक ने की दोषियों पर कार्रवाई की मांग

विधायक राज सिन्हा भी रणधीर वर्मा चौक पहुंचे और एसएसपी प्रभात कुमार से फोन पर बातचीत की। उन्होंने पुलिस से फौरी कार्रवाई करते हुए पूरी घटना का पटाक्षेप करने को कहा। साथ ही समय पर शिकायत नहीं सुनने वाले पुलिस अफसर पर कार्रवाई की भी मांग की। एसएसपी ने जांच के बाद आरोपी ओडी ऑफिसर पर कार्रवाई करने का भरोसा दिया। इसके बाद लोग वहां से हट गए।

राजेश का मोबाइल गायब, दुकान में मिला जहर

पुलिस ने तफ्तीश शुरू की और थाना प्रभारी मनोज कुमार पांडेय मृतक के फुटपाथ वाले दुकान पहुंचे। वहां लॉक तोड़ कर जब छानबीन की तो उन्हें ठेलानुमा दुकान से एक जहर की पुड़िया मिली। पोस्टमार्टम में भी मृतक के पेट से कुछ संदिग्ध पदार्थ मिला है। डॉक्टरों ने बिसरा संरक्षित कर लिया है। आशंक जताई जा रही है जहर से ही राजेश की मौत हुई है। अब पुलिस जांच कर रही है कि राजेश ने खुद जहर खाया था या किसी ने उसे जबरन जहर दे दिया। राजेश का मोबाइल भी गायब है। मृतक के शव पर शर्ट भी नहीं था। बिसरा जांच से ही जहर की पुष्टि होगी। सभी बिंदुओं की जांच हो रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजेश कुमार का शव कहाँ मिला?
राजेश कुमार का शव हीरापुर चिरागोड़ा श्मशान रोड स्थित एक मैदान में मिला।
Ravikant Jha

लेखक के बारे में

Ravikant Jha

शॉर्ट बायो : रविकांत झा पिछले 24 वर्षों से पत्रकारिता फील्ड में हूं। फिलहाल ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद में चीफ रिपोर्टर की भूमिका में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा हूं।


परिचय एवं अनुभव
रविकांत झा झारखंड के मीडिया जगत के एक जानेमाने नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 24 वर्षों से अधिक समय का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के लिए क्राइम और रेलवे बिट पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। अखबार के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के लिए भी रविकांत रोचक व पठनीय कंटेंट देते रहते हैं। इनकी झारखंड की पत्रकारिता में गहरी पैठ है।


करियर का सफर
रविकांत झा ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2002 में दैनिक जागरण धनबाद से की थी। रविकांत वर्ष 2010 तक दैनिक जागरण धनबाद के साथ रहे। जागरण में वे शिक्षा, लाइफ स्टाइल एंड एंटरटेनमेंट के साथ रेलवे और धर्म-अध्यात्म व समाज जैसों विषयों को कवर करते थे। यह वह दौर था जब कागजों और पैक्स से पत्रकारिता कंप्यूटर और ई-मेल पर शिफ्ट हो रहा था। वर्ष 2010 में उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद का दामन थामा। वर्ष 2010 में मीडिया जगत में न्यू मीडिया का अंकुरण हो चुका था। हिन्दुस्तान में रहते उन्होंने क्राइम और रेलवे जैसी बिट पर अपनी गहरी पहचान बनाई। न्यू मीडिया के साथ तालमेल बैठाते हुए वे प्रिंट के साथ-साथ ‘लाइव हिन्दुस्तान’ के लिए भी बेहतर सामग्री दे रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि
B.COM (एकाउंट्स) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। कंप्यूटर में भी डिग्री कोर्स किया है। पत्रकारिता में रहते कई कानूनी कार्यशाला में शामिल हो चुके हैं। पत्रकारिता की अचार संहिता की बारीकी समझ है। हिन्दुस्तान की ओर से आयोजित मोबाइल जर्नलिज्म (MoJo) की कार्यशाला में भी हिस्सा ले चुके हैं। धनबाद के साथ-साथ झारखंड के अपराध और अपराधियों के क्रोनोलॉजी से वे वाकिफ हैं।


विशेषज्ञता
क्राइम (सामान्य अपराध के साथ-साथ सीबीआई, ईडी, सीआईडी, रेल क्राइम व नक्सल गतिविधि)
रेलवे (रेलवे में ईस्टर्न जोन की हर छोटी-बड़ी गतिविधि)
पैनल डिस्कशन का पेशेवर तरीके से संचालन

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