
पांच सूत्री मांगों को लेकर सात घंटे तक लिंक साइडिंग का चक्का जाम
बरोरा में स्थानीय ग्रामीणों ने 10 बजे बेनीडीह केकेसी लिंक साइडिंग का चक्का जाम किया। मुखिया ललिता देवी के नेतृत्व में, उन्होंने 15 हटाए गए मजदूरों की पुनर्नियुक्ति और पांच सूत्री मांगों की पूर्ति की मांग की। बंदी के बाद प्रबंधन ने समस्या के समाधान के लिए वार्ता का आश्वासन दिया।
बरोरा, प्रतिनिधि। मंदरा पंचायत के स्थानीय ग्रामीणों ने सोमवार की सुबह 10 बजे से बेनीडीह केकेसी लिंक साइडिंग का चक्का जाम कर दिया। स्थानीय मुखिया ललिता देवी के नेतृत्व में आंदोलन कर रहे ग्रामीण संजय उधोग आउटसोर्सिंग खदान से हटाए गए पंचायत के 15 ग्रामीण मजदूरों को वापस नियोजन पर रखने एवं पंचायत के मूलभूत समस्याओं से जुड़ी पांच सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे थे। बंदी के दौरान ग्रामीण काफी उग्र थे। उनका आरोप था, कि प्रबंधन विगत कई साल से सिर्फ आश्वासन दे रहा है। बंदी के दौरान लिंक साइडिंग के फीडर ब्रेकर के समीप दर्जनों कोयला लोड हाइवा घंटों खड़ी रही।
बंदी के लगभग 7 घंटे बाद शाम के 5 बजे बीसीसीएल और संजय उधोग प्रबंधन द्वारा एक सप्ताह के भीतर वार्ता कर समस्या का समाधान निकालने का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने बंदी समाप्त किया। बंदी के कारण मुराईडीह एएमपी कोलियरी से लिंक साइडिंग और संजय उधोग आउटसोर्सिंग खदान से लिंक साइडिंग के बीच हो रहे कोल ट्रांसपोर्टिंग कार्य पूरी तरह ठप रहा, जिसका असर रेल डिस्पैच पर भी पड़ा। बंदी में शंकर बेलदार, संजय चौबे, मनोज चौहान, छोटू चौहान, रोहित भुईयां, सुनील ठाकुर, मोहित चौहान, रोहित चौहान, सोनू चौहान, सूरज चौहान, बुधन चौहान, विक्की यादव, पवन यादव, महेश भुईयां, विशाल चौहान, आकाश मंडल, विशाल मंडल समेत दर्जनों ग्रामीण शामिल थे।

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