
बार एसोसिएशन और पंचकर्म भवन के बीच दीवार खड़ी करने पर आक्रोश
धनबाद में स्वास्थ्य विभाग द्वारा रातोंरात पक्की दीवार खड़ी करने से वकीलों में आक्रोश है। वकीलों ने इसे तानाशाही का कदम करार देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। बार एसोसिएशन ने आपात बैठक बुलाई है, जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। जिला प्रशासन का कहना है कि यह दीवार अस्पताल की सुरक्षा के लिए बनाई गई है।
धनबाद, प्रतिनिधि। धनबाद बार एसोसिएशन और पंचकर्म भवन के बीच स्वास्थ्य विभाग की ओर से रातोंरात पक्की दीवार खड़ी करने से वकीलों में आक्रोश है। वकीलों ने जिला प्रशासन के कदम को तानाशाह रवैया करार देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी। बार एसोसिएशन ने गुरुवार को वकीलों की आपात बैठक बुलाई है, जिसमें आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। बता दें कि अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज निर्माण को लेकर परिसर में बाउंड्री वॉल का निर्माण किया जा रहा है। इस क्रम में बार एसोसिएशन और पंचकर्म भवन के बीच मंगलवार की रात पक्की दीवार खड़ी कर दी गई, जिससे बार एसोसिएशन का अस्पताल कैंपस में निकलने वाला रास्ता बंद हो गया।
वकीलों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना या सहमति के यह कार्रवाई आपत्तिजनक है। घटना के बाद वकीलों में गुस्सा इस कदर बढ़ गया कि सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। इसके लिए कई वकीलों ने बार कमेटी को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं कुछ वकीलों ने दीवार तोड़कर रास्ता लेने जैसी टिप्पणियां भी की हैं। सोशल मीडिया पर वकीलों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अभी इस कदम का विरोध नहीं किया गया तो भविष्य में जिला प्रशासन बार एसोसिएशन भवन पर भी कब्जा कर सकता है। ऐसे में जिला प्रशासन और वकीलों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। पूरे मामले पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल और मेडिकल कॉलेज निर्माण से पहले जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से बात हुई थी। इस दौरान बार एसोसिएशन को आवागमन के लिए रास्ता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने बताया कि एसबी सिन्हा भवन के पास से मुख्य सड़क तक एक रास्ता दिया गया, लेकिन मुख्य सड़क पर स्वास्थ्य विभाग का भवन होने से पूर्ण रूप से रास्ता नहीं मिल पाया। इसके बावजूद रात में अचानक दीवार खड़ी कर रास्ता बंद कर दिया गया, जो आपत्तिजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वकीलों को किसी हाल में रास्ता मिलना चाहिए। इस मुद्दे पर वकीलों की बैठक में चर्चा की जाएगी। इसके बाद जिले के अधिकारियों से बात की जाएगी। यदि बातचीत से समाधान नहीं निकला तो आंदोलन का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इधर, जिला प्रशासन ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि सदर अस्पताल परिसर में नवनिर्मित पंचकर्म भवन के पास दीवार का निर्माण पूरा हो गया है। इस बाबत सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा ने कहा कि अस्पताल की सुरक्षा को लेकर यह कदम उठाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी अस्पताल की सुरक्षा को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया है। अस्पताल के चारों ओर बाउंड्री का निर्माण चल रहा है। गेट नंबर दो पर जड़ा ताला: दीवार के साथ कैंपस के गेट नंबर दो को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पहले लोहे के गेट में लोहे की जंजीर लगाकर पैदाल आने-जाने का रास्ता दिया गया था, जिसे बंद कर गेट में तीन ताले जड़े गए हैं।

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