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108 एंबुलेंस सेवा के नाम पर लाखों का फर्जीवाड़ा

लेबर पेन होने पर गर्भवती रूपाली कुमारी को 11 जून की शाम 3.56 बजे से रात 7.47 बजे के बीच 108 एंबुलेंस से उसके गांव लक्ष्मणपुर से सदर अस्पताल धनबाद ले...

108 एंबुलेंस सेवा के नाम पर लाखों का फर्जीवाड़ा
हिन्दुस्तान टीम,धनबादSun, 16 Jun 2024 02:30 AM
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धनबाद, अमित रंजन
लेबर पेन होने पर गर्भवती रूपाली कुमारी को 11 जून की शाम 3.56 बजे से रात 7.47 बजे के बीच 108 एंबुलेंस से उसके गांव लक्ष्मणपुर से सदर अस्पताल धनबाद ले जाया गया। 108 एंबुलेंस का केस आईडी 105313 है। सदर अस्पताल में इस दिन रूपाली देवी के नाम से किसी महिला की इंट्री नहीं हुई है। 108 एंबुलेंस के जिला संचालक संजय कुमार दसौंधी ने बताया कि महिला को तोपचांची सीएचसी में भर्ती कराया गया था। वहां भी लेबर रूम, इमरजेंसी या ओपीडी में इस नाम की किसी महिला की इंट्री नहीं है।

मतलब साफ है। रूपाली देवी नाम की कोई मरीज थी ही नहीं। 108 एंबुलेंस सेवा संचालन के नाम फर्जी मरीज दिखाकर उसे अस्पताल पहुंचाने का फर्जीवाड़ा किया गया। फर्जीवाड़ा के ऐसे कई मामले सामने आए हैं। ऐसे मामले दिखाकर 108 एंबुलेंस संचालक एजेंसी एएमआरआई ग्रीन हेल्थ केयर सरकार से लाखों का भुगतान ले रही है।

ऐसे होता है फर्जी मरीज का खेल

एंबुलेंस चालक और स्टाफ फर्जी नंबरों से 108 पर कॉल करते हैं और मरीज का लोकेशन बताते हैं। कॉल सेंटर से नजदीकी एंबुलेंस को कॉल आता है। वहां से एंबुलेंस मरीज के लोकेशन पर जाकर नजदीकी अस्पताल पहुंची है और वहां से वापस अपने लोकशन पर आकर खड़ी हो जाती है। इससे एंबुलेंस का एक फेरा तो हो जाता है, लेकिन उसमें मरीज नहीं होते।

इसलिए हो रहा खेल

सरकार ने हर एंबुलेंस को प्रतिदिन तीन-चार केस का टारगेट दे रखा है। केस कम होने पर एक तो एजेंसी के पैसे कट जाते हैं। ऊपर से पेनाल्टी लगाई जाती है। इससे बचने के लिए चालक और एंबुलेंस कर्मियों पर एजेंसी फर्जी केस बनाने की दबाव बनाती है। टारगेट पूरा करने नहीं वालों को नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। इस दबाव में बिना मरीज के ही एंबुलेंस का चक्कर दिखाकर केस की संख्या बढ़ा दी जा रही है और टारगेट पूरा किया जा रहा है।

पूर्व मंत्री ने भी की है शिकायत

यह फर्जीवाड़ा सिर्फ धनबाद समेत अन्य जिलों में भी हो रहा है। 12 जून के सारठ विधायक और राज्य के पूर्व कृषि मंत्री रंधीर कुमार सिंह ने स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखा कर शिकायत की है। कहा है कि 108 एंबुलेंस संचालक कंपनी 70 प्रतिशत फेक केस दिखाकर पैसे की निकासी कर रही है। दूसरी ओर जरूरतमंदों को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल रही है।

इन मामलों में भी हुआ फर्जीवाड़ा

केस स्टडी 1

10 जून को निर्मला देवी नामक लेबर पेन की मरीज को ब्रह्मडीहा से तोपचांची सीएचसी में भर्ती कराया गया। पूरी प्रक्रिया रात 11.12 बजे से 11.55 के बीच हुई। तोपचांची सीएचसी में इस नाम की कोई गर्भवती भर्ती नहीं हुई। केस आईडी 099428 था।

केस स्टडी 2

10 जून को एनिमल बाइट के मरीज बबलू तूरी (19) को 108 एंबुलेंस से बिच्छाकटा से तोपचांची सीएचसी ले जाया गया। केस आई 095964 बनाया गया। यह मरीज तोपचांची सीएचसी में भर्ती नहीं हुआ।

केस स्टडी 3

10 जून को ही केस आईडी 092908 पर 10 जून को रीना कुमारी (19) नामक लेबर पेन की मरीज को दोपहर 11.39 से 12.48 के बीच भुराठी से तोपचांची सीएचसी ले जाया गया। महिला तोपचांची सीएचसी में भर्ती नहीं हुई है।

केस स्टडी 4

25 साल की श्रद्धा देवी लेबर पेन की शिकायत पर 9 जून को जीतपुर से तोपचांची सीएचसी ले जाई गई। पूरी प्रक्रिया शाम 4.36 से रात 6.17 बजे के बीच पूरी की गई। इस नाम की किसी महिला की तोपंचासी सीएचसी में इंट्री नहीं हुई है।

केस स्टडी 5

हाई फीवर की मरीज कलिया देवी (45) को केस आईडी 085083 पर 9 जून को गंगापुर से तोपचाची सीएचसी ले जाया गया। पूरी प्रक्रिया दोपहर 2.43 से 3.53 के बीच पूरी हुई। इस नाम की भी किसी महिला की इंट्री तोपचांची सीएचसी में नहीं है।

मुख्यालय को स्थिति से अवगत करा दिया गया है। स्थानीय स्तर पर भी जांच शुरू की जा रही है। कुछ को बैठाया भी गया है। ऐसे कार्यों में संलिप्त लोगों के खिलाफ एजेंसी जल्द कार्रवाई करेगी। पुरानी एजेंसी के लोग द्वारा भी कर्मचारियों को गुमराह कर ऐसा काम करवाने की भी सूचना मिली है।

- संजय कुमार दसौंधी, जिला संचालक, 108 एंबुलेंस सेवा

108 एंबुलेंस सेवा की मॉनिटरिंग रांची से होती है। इस तरह का मामला मेरे संज्ञान में भी नहीं आया है। बावजूद यदि ऐसा कुछ है तो मुख्यालय को सूचना दी जाएगी और मुख्यालय के निर्देश पर आगे की कार्रवाई होगी।

- डॉ सीवी प्रतापन, सिविल सर्जन धनबाद

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