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केवी के शिक्षक ने बेटे की कॉपी में ओवरराइटिंग कर फेल से किया पास

केंद्रीय विद्यालय मैथन के शिक्षक ओमप्रकाश दास ने अपने पुत्र की उत्तरपुस्तिका में ओवराइटिंग कर उसे पास कर दिया। भौतिकी विषय में वह फेल था। यही नहीं शिक्षक पुत्र को स्टेप मार्किंग दी गयी, जबकि अन्य छात्र-छात्राओं की कॉपी स्टेप मार्किंग से नहीं जांची गई।
यह खुलासा डीएसई विनीत कुमार की जांच में हुआ है। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि शिक्षक के बेटे चंद्रमौलि जुगल की भौतिकी की कॉपी दो अलग-अलग पेन से जांची गई है। पेन बदलने के संबंध में वीक्षक का हस्ताक्षर नहीं है। इस बात की आशंका है कि बाद में कॉपी लिखवाकर उसे मूल उत्तरपुस्तिका के साथ जोड़ दिया गया है। कई जगह ओवरराइटिंग कर प्राप्तांक के साथ छेड़छाड़ की गई है। बताते चलें कि स्कूल के छात्रों व अभिभावकों ने शिक्षक पर जानबूझकर फेल करने का आरोप लगाया था। छात्रों ने आरोप लगाया थ कि ट्यूशन नहीं पढ़ने के कारण फेल कर दिया गया। छात्रों ने विरोधस्वरूप धरना भी दिया था। अभाविप ने भी शिकायत की थी। उसके बाद जांच कमेटी बनी।
डीएसई ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि छात्रों के आरोप की पुष्टि होती है। छात्रों ने आरोप लगाया था कि सीबीएसई के प्रावधान के बावजूद छह विषयों की पढ़ाई की अनुमति नहीं दी जाती है। प्राचार्य जोसफ मुंडू ने बताया कि केन्द्रीय विद्यालय संगठन रांची से पांच विषय लेने की अनुमति है, लेकिन डीएसई ने आदेश की प्रति मांगी तो कहा यह आदेश मौखिक मिला है। छात्रों ने शिक्षक ओम प्रकाश दास पर गलत पढ़ाने का आरोप लगाते हुए कहा कि रेडॉक्स रिएक्शन को पढ़ाते वक्त रेड प्लस ओक्स को लाल साढ़ बताया जाता। पूरे वर्ष में सात से आठ कक्षा लेने का आरोप लगाया। जांच रिपोर्ट के अनुसार इस मामले की जांच में प्राचार्य जोसफ मुंडू की उपस्थिति में शिक्षक ओम प्रकाश दास ने स्वीकार किया कि रेडॉक्स रिएक्शन के संबंध में जो कहना है वह सही है। यह आरोप गलत है कि मैंने पूरे वर्ष केवल सात से आठ दिन ही कक्षा लिया। उनसे जब और पूछताछ किया गया तो बीच में ही बिना अनुमति के चले गए। प्राचार्य ने कहा कि उनकी तबीयत खराब रहती है।
प्राचार्य के अनुसार छात्रों व अभिभावकों की शिकायत पर केन्द्रीय विद्यालय संगठन ने केवि वन व टू के प्राचार्य रंजन किशोर व संजीव सिन्हा 11 मई को आए थे। उनकी उपस्थिति में ही रसायन विज्ञान के शिक्षक राजेश कुमार ने कॉपी का पुनर्मूल्यांकन किया। कई बच्चों की उत्तरपुस्तिका में दिए गए अंकों में बढ़ोतरी की गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि आरोपित शिक्षकों ने जानबूझ कर लापरवाही करते हुए कॉपी का मूल्यांकन किया। डीएसई ने जांच रिपोर्ट में छात्रों व शिक्षकों के आरोपों को सही बताया है। डीएसई ने अपनी जांच रिपोर्ट में शिक्षक ओम प्रकाश दास व राजेश कुमार के साथ-साथ प्राचार्य जोसफ मुंडू को दोषी बताते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की है। प्राचार्य ने जानकारी होने के बाद भी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। डीएसई ने कहा है कि केविएस सभी फेल छात्रों की परीक्षा फिर से ले।

 

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  • Web Title:KV's teacher overwrites the son's copy for fail to pass