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22 सितम्बर, 2020|12:29|IST

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बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा कुमारधुबी स्पेक्ट्रम हॉस्पिटल

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महिला मरीज से दुष्कर्म के प्रयास मामले में घिरे कुमारधुबी के स्पेक्ट्रम हॉस्पिटल की परेशानी बढ़ती दिख रही है। क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत 31 जनवरी 2020 को ही इस अस्पताल का रजिस्ट्रेशन फेल हो चुका है। बावजूद सात माह से बिना रजिस्ट्रेशन ही यहां ओपीडी चल रहा है और मरीजों को भर्ती भी लिया जा रहा था।

यह खुलासा ज्योति शर्मा द्वारा सूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी से हुआ है। धनबाद सिविल सर्जन ने उनके सवालों का जवाब दिया है। ज्योति ने इसकी शिकायत धनबाद डीसी समेत राज्य सरकार और स्वास्थ्य मंत्री से भी की गई है। मामले में स्पेक्ट्रम हॉस्पिटल के ईडी समामा औसाल ने बताया कि उनके हॉस्पिटल का 2022 तक का रजिस्ट्रेशन है। हालांकि इसके एवज में वे कोई साक्ष्य नहीं दे सके। उन्होंने 14 फरवरी 2020 को जारी क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का प्रोविजनल सर्टिफिकेट दिखाया, जिसकी वैधता सिर्फ 15 दिन बताई जाती है। बता दें कि शनिवार की रात पश्चिम बंगाल के बराकर निवासी एक महिला मरीज ने इस हॉस्पिटल के कर्मचारियों पर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया था।

रजिस्ट्रेशन के बिना अस्पताल का संचालन अवैध

किसी भी अस्पताल के संचालन के लिए उसका क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। यह रजिस्ट्रेशन स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक साल के लिए किया जाता है। हर साल रजिस्ट्रेशन रिन्युअल कराना होता है। बिना इसके हॉस्पिटल का संचालन अवैध माना जाता है।

हॉस्पिटल में दुष्कर्म के प्रयास का मामला गंभीर है। यदि क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत हॉस्पिटल ने रजिस्ट्रेशन रिन्युअल नहीं कराया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। मामले की व्यापक जांच कराई जाएगी।

- डॉ गोपाल दास, सिविल सर्जन धनबाद

दुष्कर्म के प्रयास का आरोपी भेजा गया जेल

स्पेक्ट्रम अस्पताल में महिला मरीज से दुष्कर्म का प्रयास मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी जयंत बनर्जी को पुलिस ने सोमवार को जेल भेज दिया। अन्य आरोपी डॉक्टर शांतिमय मंडल, नर्स डोली कुमारी व दाई घटना के बाद से ही फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

ओपी में हाई वोल्टेज ड्रामा

जयंत बनर्जी अस्पताल के एमडी जयंती चक्रवर्ती का भाई है। जयंती ने भाई को बेगुनाह साबित करने व बचाने के लिए कुमारधुबी ओपी में एसडीपीओ विजय कुमार के समक्ष आधे घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा किया। सीसीटीवी फुटेज दिखा भाई को निर्दोष साबित करने में लगी रही। वे पीड़ित पक्ष के लोगों पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगा रही थी। साथ ही अस्पताल में तोड़फोड़ में अविलंब कार्रवाई की बात कह रही थी। एसडपीओ ने कहा कि जयंत दोषी है। उसने अपराध स्वीकार कर लिया है। उसे जेल भेजा जाएगा। तब जाकर वह शांत हुई।

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