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मुनीडीह वाशरी का गंदा पानी दामोदर को कर रहा प्रदूषित

मुनीडीह वाशरी का गंदा पानी दामोदर को कर रहा प्रदूषित

संक्षेप:

झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने दामोदर नदी में मुनीडीह वाशरी से काला पानी छोड़ने के मामले में बीसीसीएल के प्रबंधन को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जांच में पाया गया कि वाशरी से गंदा पानी नदी में बहाया जा रहा है, जिससे 9 लाख लोगों को पानी की आपूर्ति बाधित हुई।

Thu, 4 Dec 2025 02:25 AMNewswrap हिन्दुस्तान, धनबाद
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झरिया, वरीय संवाददाता। दामोदर नदी में वाशरी का काला पानी छोड़ने के मामले को झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद धनबाद ने गंभीरता से लिया है। बीसीसीएल के मुनीडीह वाशरी प्रबंधन सहित बीसीसीएल के क्लस्टर 11 अंतर्गत महाप्रबंधक वाशरी डिवीजन, महाप्रबंधक पश्चिम झरिया क्षेत्र, महाप्रबंधक पुटकी बलिहारी को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पत्र लिखा गया कि जांच में पाया गया कि मुनीडीह वाशरी से गंदा पानी दामोदर नदी में बहाया जा रहा है। झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के परामर्शी कार्यकारी सौगतो माहातो व क्षेत्रीय पदाधिकारी विवेक कुजूर ने पत्र लिखकर कहा कि झमाडा के इंटेक वाल्व के समीप दामोदर नदी में प्रदूषित जल आया था, जो मुनीडीह वाशरी ने छोड़ा था।

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इसकी जांच की गई। जामाडोबा इंटेक वॉल्व से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर मुनीडीह कोल वाशरी स्थित है। नदी के पानी और वाशरी के काला पानी की जांच की गई। काला पानी का बहाव नहीं रोका गया तो झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद रांची द्वारा बीसीसीएल को शो-कॉज किया जा सकता है। क्षतिपूर्ति के लिए भी कार्रवाई की जा सकती है। इधर, झमाडा के प्रबंध निदेशक रविराज शर्मा ने भी मंगलवार को महाप्रबंधक मुनीडीह कोल वाशरी पुटकी को पत्र लिखा है। कहा गया कि वाशरी का काला पानी छोड़ने के कारण नौ लाख की आबादी को 28 और 29 दिसंबर को पानी की आपूर्ति नहीं हुई। दामोदर नदी को गंगा नदी की सहायक नदी होने के कारण नमामी मिशन फॉर क्लीन गंगा के तहत प्रदूषण मुक्त किया जा रहा है। प्रबंध निदेशक ने कहा कि दामोदर नदी में काला पानी का प्रवाह रोका जाए अन्यथा दामोदर नदी के जल को दूषित किए जाने के विरुद्ध नियम-संगत कार्रवाई की जाएगी। झमाडा और प्रदूषण पर्षद ने पानी का सैंपल लिया: झमाडा और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम ने जांच के क्रम में दामोदर के पानी का सैंपल लिया। प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने भी मुनीडीह वाशरी के जीएम को पत्र लिखकर कहा कि बिना फिल्टर के दामोदर नदी में गंदे पानी को बहाते हुए पकड़ा गया है। यह प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की एनओसी के नियमों का उल्लंघन है। धनबाद स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से भी शिकायत कर दी है।