
पूर्व विधायक संजीव सिंह की रिहाई के विरुद्ध हाईकोर्ट में तीन अपील
संक्षेप: झारखंड उच्च न्यायालय में पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह और अन्य की हत्या में बरी हुए संजीव सिंह सहित चार आरोपियों की रिहाई के खिलाफ तीन याचिकाएं दायर की गई हैं। अपील करने वालों में मृतक के परिजन शामिल हैं, जिन्होंने निचली अदालत के फैसले को त्रुटिपूर्ण बताया है।
धनबाद, प्रतिनिधि पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह सहित चार लोगों की निर्मम हत्या में बरी हुए झरिया के पूर्व भाजपा विधायक संजीव सिंह और अन्य नौ आरोपियों की रिहाई के विरुद्ध झारखंड हाईकोर्ट में तीन याचिकाएं दायर की गई हैं। मृतक नीरज सिंह के भाई तथा सूचक अभिषेक सिंह के अलावा गोलीकांड का शिकार बने मृतक ड्राइवर घल्टू महतो की पत्नी मीना देवी और मृतक अशोक यादव की पत्नी इंदू देवी ने भी अलग-अलग एक्विटल (दोषमुक्ति) अपील दायर की है। तीनों की अपील को अभी अन रजिस्टर्ड केस की सूची में रखते हुए इनके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

झारखंड उच्च न्यायालय में अलग-अलग अपील फाइल कर निचली अदालत की ओर से दी गई रिहाई के आदेश को चुनौती दी गई है। मामले का ट्रायल कर रहे एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्गेशचंद्र अवस्थी की अदालत ने इसी साल 27 अगस्त को संजीव सिंह सहित 10 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी करने का आदेश दिया था। पीड़ित पक्ष की ओर से 29 अक्तूबर को झारखंड उच्च न्यायालय के डबल बेंच में तीनों अर्जियां दी गईं। --- राज्य सरकार को भी बनाया गया है प्रतिवादी पीड़ित पक्षों ने बरी हुए संजीव सिंह, जैनेंद्र कुमार सिंह उर्फ पिंटू सिंह, रणधीर धनंजय कुमार उर्फ धनजी, संजय सिंह, डबलू मिश्रा उर्फ राकेश कुमार मिश्रा उर्फ डबलू गिरि उर्फ मृत्युंजय गिरि, पंकज सिंह उर्फ पंकज कुमार सिंह, कुर्बान अली उर्फ सोनू, सागर सिंह उर्फ शिबू, रोहित सिंह उर्फ चंदन सिंह उर्फ सतीश तथा विनोद कुमार सिंह के साथ-साथ राज्य सरकार को भी प्रतिवादी बनाया है। --- निचली अदालत के फैसले को बताया गया त्रुटिपूर्ण चालक घल्टू महतो की पत्नी मीना देवी की ओर से झारखंड उच्च न्यायालय के वरीय अधिवक्ता शैलेश कुमार सिंह ने याचिका दायर की है। शैलेश कुमार सिंह ने बताया कि रिहाई के विरुद्ध अपील में कानून के विभिन्न बिंदुओं की चर्चा करते हुए निचली अदालत की ओर से पारित फैसले को त्रुटीपूर्ण बताया गया है। उच्च न्यायालय में अपील फिलहाल ‘डिफेक्टिव रिमूव’ के लिए रखा गया है। अधिवक्ता ने बताया कि शीघ्र ही इसके एडमिशन के लिए सुनवाई की तारीख जारी की जाएगी। --- सुप्रीम कोर्ट से मिली शक्तियों का किया प्रयोग इसी साल 24 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बीवी नागरथना और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने अपराध के पीड़ितों और उनके कानूनी उत्तराधिकारियों को अपील करने का अधिकार दिया था। इससे पहले सिर्फ सरकार और सूचक को ही अपील करने का अधिकार था। सुप्रीम कोर्ट से मिली शक्तियों के आधार पर ही घल्टू महतो और अशोक यादव की पत्नियों ने ट्रायल कोर्ट के फैसल के विरुद्ध अलग-अलग अपील दायर की।

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