
स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की टेबल टेंडर रोकने की कवायद
धनबाद में स्वास्थ्य विभाग ने दवाओं और चिकित्सीय सामग्रियों की खरीद के लिए ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अधिकारियों की मनमानी कम होगी। अब सभी आपूर्तिकर्ताओं को समान अवसर...
धनबाद, प्रमुख संवाददाता स्वास्थ्य विभाग में दवा और चिकित्सीय सामग्री की खरीद में अब टेबल टेंडर और मनमानी पर लगाम लगेगी। विभाग ने पहल करते हुए ऑनलाइन टेंडर की प्रक्रिया अपना ली है। 269 प्रकार की दवाइयों और चिकित्सीय सामग्रियों की खरीदारी के लिए ऑनलाइन टेंडर जारी किया है। यह टेंडर झारखंड सरकार के आधिकारिक टेंडर पोर्टल पर प्रकाशित किया गया है। इस पहल की शुरुआत सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा ने की है। लंबे समय से जिले में दवाइयों और मेडिकल आइटम की खरीद टुकड़ों में कोटेशन के आधार पर होती रही है। छोटी-छोटी फाइलिंग और कोटेशन प्रक्रिया के जरिए लाखों रुपए की खरीदारी कर ली जाती थी।
इस व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी रहती थी और अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी की गुंजाइश बनी रहती थी। बता दें कि कोटेशन आधारित व्यवस्था में अक्सर टेबल टेंडर की स्थिति बन जाती थी। यानी कागज पर औपचारिकता पूरी कर सप्लाई कर दी जाती थी। इस दौरान प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता की जांच अधूरी रह जाती थी। कई बार सप्लाई की गई दवाइयों और सामग्रियों की गुणवत्ता को लेकर सवाल भी उठे। अधिकारियों की मानें तो ऑनलाइन टेंडरिंग व्यवस्था से अब सप्लायर कंपनियों के बीच पारदर्शी प्रतिस्पर्धा होगी। सभी इच्छुक आपूर्तिकर्ताओं को समान अवसर मिलेगा और दवा व चिकित्सीय सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। इससे न सिर्फ सरकारी धन की बचत होगी, बल्कि मरीजों को बेहतर और समय पर दवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। दवाओं के लिए होगा रेट कॉन्ट्रेक्ट अधिकारियों के अनुसार जिले में दवा की नियमित आपूर्ति को लेकर कई बार समस्या सामने आती रही है। समय पर दवाएं उपलब्ध न होने से मरीजों और अस्पतालों को परेशानी उठानी पड़ती थी। इस बार एक साथ बड़ी संख्या में दवा और चिकित्सीय सामग्री की खरीद का टेंडर निकाला गया है। टेंडर में चयनित एजेंसी से रेट कॉन्ट्रेक्ट किया जाएगा। इसके बाद जैसे-जैसे दवाओं की जरूरत होगी, उससे आपूर्ति ली जाएगी। इससे अस्पतालों में समय पर दवा व अन्य सामग्री की सप्लाई सुनिश्चित की जा सकेगी। दवाओं की समय पर आपूर्ति, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन की जा रही है। इससे मरीजों को सुविधा होगी और अनियमितता को रोका जा सकेगा। -डॉ आलोक विश्वकर्मा, सिविल सर्जन, धनबाद

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