नौवीं से 12वीं तक के छात्रों का प्रैक्टिकल व एक्टिविटी आधारित सिलेबस

Apr 05, 2026 01:43 am ISTAmit Watts हिन्दुस्तान, धनबाद
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झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) ने 1 अप्रैल से नए सत्र के लिए कक्षा 1 से 12वीं तक का पाठ्यक्रम तैयार कर लिया है। इसमें कक्षा 9 से 12वीं के लिए प्रैक्टिकल और एक्टिविटी आधारित लर्निंग को अनिवार्य किया गया है। सभी शिक्षकों को जे गुरुजी एप पर सिलेबस के अनुसार पाठों और गतिविधियों की इंट्री करनी होगी।

नौवीं से 12वीं तक के छात्रों का प्रैक्टिकल व एक्टिविटी आधारित सिलेबस

सरकारी स्कूलों में एक अप्रैल से नया सत्र शुरू होने के साथ ही झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) रांची ने सिलेबस तैयार कर लिया है। सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 1 से 12वीं तक के प्रमुख विषयों/ संकायों के लिए विभाजित पाठ्यक्रम भी तैयार किया गया है। महत्वपूर्ण यह है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में कक्षा नौ से 12वीं तक के लिए प्रैक्टिकल/ एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग कंपोनेंट (सीखने का घटक) को पृथक एवं अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षण प्रक्रिया को अधिक अनुभवात्मक, विद्यार्थी केंद्रित, दक्षतामूलक एवं परिणामोन्मुख बनना है। सिलेबस को जेसीईआरटी, जैक वेबसाइट के साथ ही जे गुरुजी एप पर भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

जेसीईआरटी ने हेडमास्टरों से कहा है कि विभाजित सिलेबस का शत प्रतिशत अनुपानल सुनिश्चित किया जाए। सभी शिक्षक अपने-अपने विषयों में विभाजित सिलेबस के अनुसार माहवार अध्यापित पाठों, पाठ्यांशें, संपादित गतिविधियों तथा प्रायोगिक कार्यों की इंट्री जे गुरुजी एप में अनिवार्य रूप से करेंगे। डीईओ व डीएसई को उक्त व्यवस्था की माहवार समीक्षा करनी है। आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित करनी है।जेसीईआरटी का कहना है कि सभी शिक्षक व हेडमास्टर उक्त कार्य को मात्र औपचारिक प्रक्रिया न मानते हुए विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित से प्रत्यक्षत: जुड़ा दायित्व समझें ताकि कोई भी विद्यार्थी अधूरे अथवा विलंबित अध्यापक के कारण वंचित न रह जाए। प्रोजेक्ट रेल के तहत मासिक जांच परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र एवं उत्तर कुंजिका निर्माण की जिम्मेवारी विभिन्न जिलों की डायट को सौंपी गई है। सिलेबस में वेटेज, परीक्षा संबंधी ब्लूप्रिंट समेत अन्य निर्देश भी दिए गए हैं।

Amit Watts

लेखक के बारे में

Amit Watts

शॉर्ट बायो: अमित वत्स पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में प्रारंभिक शिक्षा, माध्यमिक, उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा का कवरेज कर रहे हैं।


परिचय एवं अनुभव
अमित वत्स पत्रकारिता जगत में जाना पहचाना नाम हैं। पत्रकारिता में 23 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान धनबाद संस्करण में एजुकेशन व रोजगार से जुड़े बीट की रिपोर्टिंग करते हैं। एजुकेशन बीट पर मजबूत पकड़ है।


करियर का सफर
अमित ने करियर की शुरुआत वर्ष 2002 में दैनिक जागरण से की। बहुत ही कम समय में प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। प्रारंभिक वर्षों में ही एजुकेशन बीट पर पकड़ बनाई। वर्ष 2009 में हिन्दुस्तान से जुड़े। उसके बाद पिछले 16 वर्षों से हिन्दुस्तान में शिक्षा समेत अन्य बीट का नेतृत्व कर रहे हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए भी लगातार खबरें लिख रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्टभूमि और एजुकेशन रिपोर्टिंग
बीएड, एमए एजुकेशन के साथ ही मॉस कम्युनिकेशन की पढ़ाई का लाभ अमित को एजुकेशन बीट की रिपोर्टिंग में मिला। इसकारण एजुकेशन बीट पर कमांड होने के साथ ही आईआईटी धनबाद, यूनिवर्सिटी शोध की खबरें, वंचितों को मुख्यधारा से जोड़ने व एक्सक्लूसिव स्टोरी लिखते हैं।


शिक्षा और रोजगार
शिक्षा को सीधे आर्थिक अवसरों और रोजगार से जोड़ने पर केंद्रित विश्लेषण समेत अन्य एक्सक्लूसिव खबरें लिखी है। शिक्षा से संबंधित खबरों पर अमित की गहरी समझ है। अमित का मानना है कि तथ्य आधारित व विश्वसनीयता पत्रकारिता का महत्वपूर्ण अंग है। पाठकों को सटीक जानकारी मिलनी चाहिए। रिपोर्टिंग में विशेषकर छात्र केन्द्रित दृष्टिकोण जरूरी है।


विशेषज्ञता
- नई शिक्षा नीति कैसे बदल रही है
- प्रतियोगिता परीक्षाओं के अपडेट
- छात्रों के लिए तनावमुक्त तैयारी
- बोर्ड परीक्षाओं जैक, सीबीएसई, आईसीएसई की मूल्यांकन प्रक्रिया व रिजल्ट का विश्लेषण
- कौशल विकास आधारित शिक्षा

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