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हिंदी न्यूज़ झारखंड धनबादपेड़ से पिलर पर गिरे बच्चे के शरीर में तीन जगह लोहे का रॉड आर-पार

पेड़ से पिलर पर गिरे बच्चे के शरीर में तीन जगह लोहे का रॉड आर-पार

हिन्दुस्तान टीम,धनबादNewswrap
Sat, 23 Oct 2021 03:52 AM
गोविंदपुर के आसनबनी निवासी स्व. पोरेन हेंब्रम का 12 वर्षीय बेटा विकास हेंब्रम अमरूद तोड़ने के दौरान पेड़ से नीचे निर्माणाधीन पिलर पर गिर गया।...
1/ 3गोविंदपुर के आसनबनी निवासी स्व. पोरेन हेंब्रम का 12 वर्षीय बेटा विकास हेंब्रम अमरूद तोड़ने के दौरान पेड़ से नीचे निर्माणाधीन पिलर पर गिर गया।...
गोविंदपुर के आसनबनी निवासी स्व. पोरेन हेंब्रम का 12 वर्षीय बेटा विकास हेंब्रम अमरूद तोड़ने के दौरान पेड़ से नीचे निर्माणाधीन पिलर पर गिर गया।...
2/ 3गोविंदपुर के आसनबनी निवासी स्व. पोरेन हेंब्रम का 12 वर्षीय बेटा विकास हेंब्रम अमरूद तोड़ने के दौरान पेड़ से नीचे निर्माणाधीन पिलर पर गिर गया।...
गोविंदपुर के आसनबनी निवासी स्व. पोरेन हेंब्रम का 12 वर्षीय बेटा विकास हेंब्रम अमरूद तोड़ने के दौरान पेड़ से नीचे निर्माणाधीन पिलर पर गिर गया।...
3/ 3गोविंदपुर के आसनबनी निवासी स्व. पोरेन हेंब्रम का 12 वर्षीय बेटा विकास हेंब्रम अमरूद तोड़ने के दौरान पेड़ से नीचे निर्माणाधीन पिलर पर गिर गया।...

धनबाद वरीय संवाददाता

गोविंदपुर के आसनबनी निवासी स्व. पोरेन हेंब्रम का 12 वर्षीय बेटा विकास हेंब्रम अमरूद तोड़ने के दौरान पेड़ से नीचे निर्माणाधीन पिलर पर गिर गया। शुक्रवार की दोपहर लगभग 12 बजे हुई इस घटना में पिलर में लगा लोहे का रॉड बच्चे के शरीर में तीन जगह से आर-पार हो गया। घटना के बाद बच्चे को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। यहां डॉक्टरों की टीम सर्जरी कर बच्चे के शरीर में फंसे रॉड को बाहर निकाला और उसकी जान बचाई। ऑपरेशन के बाद बच्चे को सर्जिकल आईसीयू में भर्ती किया गया है। उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

परिजनों ने बताया कि बच्चा पिलर के ठीक ऊपर पेड़ की डाली पर चढ़ कर अमरूद तोड़ रहा था। इसी दौरान उसका नियंत्रण खराब हुआ और वह नीचे पिलर पर गिर गया। इस घटना में पिलर में लगी लोहे की एक रॉड बच्चे के दाहीने कंधे से और दूसरी पीठ से आरपार हो गई। यह दोनों रॉड आर-पार होने के बाद बच्चे के जांघ में घुसकर दूसरी तरफ से निकल गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने रॉड को कटर से काटकर बच्चे को पिलर से अलग किया और उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इमरजेंसी में डॉक्टरों की टीम सर्जरी कर बच्चे के शरीर में फंसी रॉड को बाहर निकाला और उसकी जान बचाई।

डॉक्टरों ने दिखाई दक्षता

बच्चे की जान बचाने के लिए मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने अपनी दक्षता दिखाई। इमरजेंसी में आते ही अस्पताल के सभी विभागों को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सभी विभागों के डॉक्टर वहां पहुंचे। तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। इमरजेंसी से बच्चे को ओटी में शिफ्ट किया गया और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी कर बच्चे के शरीर में धंसे एक-एक रॉड को बाहर निकाला। हड्डी रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ डीपी भूषण के अनुसार सर्जरी में 30 मिनट का समय लगा। सर्जरी के बाद बच्चे को ओटी से सर्जिकल आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया है।

बच्चे की सर्जरी हो चुकी है। अभी उसकी स्थिति के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता। डॉक्टरों की टीम इसके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है।

- डॉ एके बरनवाल, अधीक्षक, एसएनएमएमसीएच

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