
कोयला के कारण माल ढुलाई में रेलवे बना रहा रिकॉर्ड
धनबाद से मिली जानकारी के अनुसार, रेलवे ने इस महीने 1 अरब टन माल ढुलाई की क्षमता हासिल की है। झारखंड ने 100 मिलियन टन से अधिक कोयले की ढुलाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कुल 566.12 मिलियन टन कोयला इस वित्त वर्ष में ढुलाई की गई, जिसमें रेल से 505 मिलियन टन शामिल हैं।
धनबाद, विशेष संवाददाता । कोयला ढुलाई के कारण माल ढुलाई में रेलवे इसी महीने एक अरब टन लदान क्षमता हासिल करने में सफल रही। खनिजों की रेल ढुलाई में झारखंड का भी अहम योगदान है। झारखंड से लगभग सौ मिलियन टन से ज्यादा कोयले की ढुलाई हुई है। चालू वित्त वर्ष में कोयले की अक्टूबर तक कुल ढुलाई 566.12 मिलियन टन है। इनमें अकेले रेल से 505 मिलियन टन ढुलाई इस बात का संकेत है कि रोड सेल से ढुलाई में कमी आ रही है। आंकड़े के अनुसार सिर्फ 61 मिलियन टन कोयले की ढुलाई गैर रेल माध्यमों से हुई है।

रिपेार्ट के मुताबिक 19 नवंबर को रेलवे ने एक अरब टन ढुलाई का आंकड़ा पार किया। कोयला, लौह अयस्क, सीमेंट और कंटेनर लदान में मज़बूती के चलते रेलवे ने माल ढुलाई में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। दैनिक माल ढुलाई 4.4 मिलियन टन पहुंची, जो पिछले वर्ष के स्तर से अधिक है। रेलवे पर बल्क कार्गो के स्थानांतरण से उत्सर्जन(प्रदूषण) कम होता है, राजमार्गों पर भीड़भाड़ कम होती है, और हरित, लागत-कुशल लॉजिस्टिक्स विकल्प उपलब्ध होते हैं, जिससे उद्योग जगत एवं उपभोक्ताओं दोनों को लाभ होता है। 19 नवंबर तक 1020 मिलियन टन तक पहुंच गया है।कोल इंडिया ढुलाई लागत कम करने के लिए रोड के मुकाबले रेल को तरजीह दे रही है। किस खनिज की कितनी रेल ढुलाई खनिज/उत्पाद मिलियन टन कोयला : 505 लौह अयस्क 115 सीमेंट 92 कंटेनर यातायात 59 कच्चा लोहा-इस्पात 47 उर्वरक 42 खनिज तेल 32 खाद्यान्न 30 इस्पात कच्चा माल 20 अन्य 74 अक्टूबर तक किस कंपनी से कितना कोयला डिस्पैच कंपनी डिस्पैच(मिलियन टन) ईसीएल 26.13 बीसीसीएल 20.05 सीसीएल 39.01 एनसीएल 79.38 डब्ल्यूसीएल 33.11 एसईसीएल 97.23 एमसीएल 121.25 एनईसी 0.08 एससीसीएल 33.375 कैप्टिव-कॉमर्शियल 116.505 कुल 566.12

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