जूनियर डॉक्टरों के आंदोलन को आईएमए झारखंड का समर्थन

हिन्दुस्तान, धनबाद
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) झारखंड ने सीनियर रेसिडेंट और इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड संशोधन की मांग को समर्थन दिया है। रविवार को हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो 6 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल का समर्थन किया जाएगा।

जूनियर डॉक्टरों के आंदोलन को आईएमए झारखंड का समर्थन

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) झारखंड ने सीनियर रेसिडेंट एवं इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड संशोधन की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। रविवार को आईएमए झारखंड की ऑनलाइन बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता आईएमए झारखंड के अयध्यक्ष डॉ एके सिंह कर रहे थे। बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव और आईएमए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ धन्वंतरि तिवारी को ज्ञापन भी भेजा गया है। बैठक में आईएमए के पदाधिकारियों और सदस्यों ने आईएमए जूनियर डॉक्टर्स नेटवर्क झारखंड द्वारा संचालित आंदोलन को जायज बताते हुए कहा कि स्टाइपेंड संशोधन की मांग लंबे समय से लंबित है।

बढ़ती महंगाई और चिकित्सा सेवाओं के दबाव को देखते हुए हर तीन वर्ष में स्टाइपेंड की समीक्षा आवश्यक है। डॉ सिंह ने बताया कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टर प्रत्येक सोमवार को ब्लैक बैज पहनकर शांतिपूर्ण विरोध जता रहे हैं ताकि सरकार और संबंधित अधिकारियों का ध्यान उनकी समस्याओं की ओर आकर्षित किया जा सके। आईएमए झारखंड ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार द्वारा समयबद्ध समाधान नहीं किया गया तो 6 अप्रैल से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल को भी समर्थन दिया जाएगा। इस आंदोलन को झारखंड स्टेट हेल्थ सर्विसेज एसोसिएशन का भी समर्थन प्राप्त है। बैठक में डॉ सिंह के अलावा आईएमए झारखंड के सचिव डॉ प्रदीप कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ बीपी कश्यप समेत कई लोग शामिल थे।

Amit Ranjan

लेखक के बारे में

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शॉर्ट बायो: अमित रंजन पिछले 18 वर्षों से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ में प्रिंसिपल कंटेंट क्रिएटर के पद पर कार्यरत हैं।


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अमित रंजन भारतीय प्रिंट और डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 18 वर्षों से अधिक का समृद्ध अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ और ‘लाइव हिन्दुस्तान’ प्रिंसिपल कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं। दिसंबर 2014 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने बदलते मीडिया ट्रेंड्स, डिजिटल ऑडियंस बिहेवियर और कंटेंट स्ट्रेटेजी पर मजबूत पकड़ बनाई है। तथ्यपरक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित रिपोर्टिंग उनकी पहचान है।


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