आईआईटी के स्टूडेंट जिमखाना के अध्यक्ष बने ज्योतिरादित्य
आईआईटी आईएसएम धनबाद के छात्रों ने नए अध्यक्ष के रूप में ज्योतिरादित्य सिंह का चुनाव किया। चुनाव में 85.18% मतदान हुआ, जिसमें 31 सीनेटर पदों के लिए 55 प्रत्याशी थे। अन्य विजेताओं में एम विनय, अदवित भोर, सुमंता कुमार साहू, दक्ष दीक्षित और एन लिकिता शामिल हैं। चुनाव प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

आईआईटी आईएसएम धनबाद के स्टूडेंट जिमखाना (एसजी) के नए अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंह चुने गए हैं। शनिवार को हुए चुनाव के बाद परिणाम घोषित किए गए, जिसमें स्टूडेंट सीनेट चेयरपर्सन पद पर एम विनय, जनरल सेक्रेटरी (साइंस एंड टेक्नोलॉजी) अदवित भोर, जनरल सेक्रेटरी (स्पोर्ट्स एंड गेम्स) सुमंता कुमार साहू, जनरल सेक्रेटरी (मीडिया एंड कल्चर) दक्ष दीक्षित और फाइनेंस कन्वेनर एन लिकिता विजयी रहे। परिणाम जारी होने के बाद देर रात तक कैंपस में छात्र-छात्राओं ने जश्न मनाया। संस्थान में शनिवार को छात्र संगठन के चुनाव को लेकर सुबह से ही न्यू लेक्चरर हॉल कॉम्प्लेक्स में गहमागहमी रही। 31 सीनेटर पदों के लिए 55 प्रत्याशी मैदान में थे।
कुल 5231 मतदाताओं में से 4456 छात्र-छात्राओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो कुल मतदान का 85.18 प्रतिशत रहा। वोटिंग के लिए 11 बूथ बनाए गए थे। विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को छह समूहों में बांटकर सीनेटरों का चयन किया गया।शाम को मतगणना पूरी होने के बाद विजेता सीनेटरों के नाम घोषित किए गए और उन्हीं के बीच से अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों का चुनाव हुआ। चुनाव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. केपी अजीत, उप मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. अविनाश कुमार और मुख्य सुरक्षा अधिकारी राम मनोहर के नेतृत्व में सुरक्षाकर्मियों की टीम दिनभर सक्रिय रही। जीत के बाद सुरक्षा की दृष्टि से परिसर में अतिरिक्त चौकसी बरती गई।
लेखक के बारे में
Amit Wattsशॉर्ट बायो: अमित वत्स पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में प्रारंभिक शिक्षा, माध्यमिक, उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा का कवरेज कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
अमित वत्स पत्रकारिता जगत में जाना पहचाना नाम हैं। पत्रकारिता में 23 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान धनबाद संस्करण में एजुकेशन व रोजगार से जुड़े बीट की रिपोर्टिंग करते हैं। एजुकेशन बीट पर मजबूत पकड़ है।
करियर का सफर
अमित ने करियर की शुरुआत वर्ष 2002 में दैनिक जागरण से की। बहुत ही कम समय में प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। प्रारंभिक वर्षों में ही एजुकेशन बीट पर पकड़ बनाई। वर्ष 2009 में हिन्दुस्तान से जुड़े। उसके बाद पिछले 16 वर्षों से हिन्दुस्तान में शिक्षा समेत अन्य बीट का नेतृत्व कर रहे हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए भी लगातार खबरें लिख रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्टभूमि और एजुकेशन रिपोर्टिंग
बीएड, एमए एजुकेशन के साथ ही मॉस कम्युनिकेशन की पढ़ाई का लाभ अमित को एजुकेशन बीट की रिपोर्टिंग में मिला। इसकारण एजुकेशन बीट पर कमांड होने के साथ ही आईआईटी धनबाद, यूनिवर्सिटी शोध की खबरें, वंचितों को मुख्यधारा से जोड़ने व एक्सक्लूसिव स्टोरी लिखते हैं।
शिक्षा और रोजगार
शिक्षा को सीधे आर्थिक अवसरों और रोजगार से जोड़ने पर केंद्रित विश्लेषण समेत अन्य एक्सक्लूसिव खबरें लिखी है। शिक्षा से संबंधित खबरों पर अमित की गहरी समझ है। अमित का मानना है कि तथ्य आधारित व विश्वसनीयता पत्रकारिता का महत्वपूर्ण अंग है। पाठकों को सटीक जानकारी मिलनी चाहिए। रिपोर्टिंग में विशेषकर छात्र केन्द्रित दृष्टिकोण जरूरी है।
विशेषज्ञता
- नई शिक्षा नीति कैसे बदल रही है
- प्रतियोगिता परीक्षाओं के अपडेट
- छात्रों के लिए तनावमुक्त तैयारी
- बोर्ड परीक्षाओं जैक, सीबीएसई, आईसीएसई की मूल्यांकन प्रक्रिया व रिजल्ट का विश्लेषण
- कौशल विकास आधारित शिक्षा
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