
राजस्थान में 78 डंप का मूल्यांकन करेगा आईआईटी धनबाद
अमित वत्स, धनबाद आईआईटी आईएसएम धनबाद और राजस्थान सरकार के आरएसएमईटी के बीच एक एमओयू हुआ है। यह एमओयू 78 वेस्ट डंप का वैज्ञानिक मूल्यांकन करेगा। इसमें आईआईटी धनबाद जियो रेफरेंस्ड डेटाबेस तैयार करने, मैपिंग, और खनिज संसाधनों का आकलन करेगा। इस सहयोग से माइनिंग क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे।
अमित वत्स, धनबाद आईआईटी आईएसएम धनबाद का टैक्समिन व राजस्थान सरकार के आरएसएमईटी (राजस्थान स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट) के बीच एमओयू हुआ है। टैक्समिन राजस्थान के चिह्नित 78 वेस्ट डंप व टेलिंग्स का वैज्ञानिक मूल्यांकन करेगा। यह काम तीन चरणों में होगा। बुधवार को जयपुर में टैक्समिन व आरएसएमईटी के बीच एमओयू का अदान-प्रदान हुआ। एमओयू में आईआईटी धनबाद से उपनिदेशक प्रो. धीरज कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजननाल शर्मा, केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी की उपस्थिति में यह एमओयू बुधवार को जयपुर में प्रवासी राजस्थानी दिवस के मौके पर किया गया। आईआईटी धनबाद जियो रेफरेंस्ड डेटाबेस तैयार करने, मैपिंग व सैंपलिंग, मिनरालॉजिकल एनालिसिस व उपलब्ध खनिज संसाधन का आकलन करेगा।

इससे लिथियम, कोबाल्ट, निकल, रेयर अर्थ एलिमेंट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता के आकलन में मदद मिलेगी। वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय व आईआईटी मिलकर करेंगे काम वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय (यूडब्ल्यूए) ने आईआईटी आईएसएम धनबाद के साथ एमओयू हुआ है। इसका उद्देश्य माइनिंग सेक्टर में लॉजिस्टिक्स, स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) और कौशल विकास के नए अवसरों को मिलकर विकसित करना है। दोनों संस्थान के मिलकर काम करने से माइनिंग क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स और सस्टेनेबिलिटी पर केंद्रित नए अवसरों को खोला जा सकेगा। शुरुआत में लगभग 10 ऑनलाइन माइक्रो-क्रेडेंशियल कोर्स शुरू करने की तैयारी है। उद्योग की जरूरतों के अनुरूप और भी संयुक्त कोर्स विकसित किए जाएंगे। ये कार्यक्रम भारत के क्लीन एनर्जी ट्रांज़िशन, सप्लाई चेन को मजबूत करने और माइनिंग व मिनरल सेक्टर में वैश्विक मानकों पर आधारित कौशल विकसित करने में मदद करेंगे।

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