
ट्रिपल आई : स्मार्ट माइनिंग, क्रिटिकल मिनरल्स व ग्रीन एनर्जी पर रहेगा फोकस
आईआईटी आईएसएम धनबाद में 6 से 8 फरवरी तक शताब्दी वर्ष के मौके पर ट्रिपल आई सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें स्मार्ट माइनिंग, क्रिटिकल मिनरल्स और ग्रीन एनर्जी पर चर्चा की जाएगी। सम्मेलन में देश-विदेश के प्रमुख वैज्ञानिक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसका उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप नई तकनीकों को बढ़ावा देना है।
धनबाद, मुख्य संवाददाता आईआईटी आईएसएम धनबाद में छह से आठ फरवरी तक शताब्दी वर्ष के मौके पर तीन-तीन कार्यक्रम एक साथ होने जा रहे हैं। इंडस्ट्री इंस्टीट्यूट इंटरेक्शन (ट्रिपल आई), सृजन व बसंत (पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन) की तैयारी शुरू कर दी गई है। ट्रिपल आई में पहली बार आईआईटी धनबाद के साथ सिंफर धनबाद व विज्ञान भारती भी सहयोगी की भूमिका में है। तीनों संस्थान मिलकर ट्रिपल आई कॉन्क्लेव व प्रदर्शनी आयोजित करेंगे। इसका पूरा फोकस स्मार्ट माइनिंग, क्रिटिकल मिनरल्स व ग्रीन एनर्जी है। सम्मेलन में देश-विदेश के प्रमुख वैज्ञानिक, शिक्षाविद, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और नीति-निर्माता भाग लेंगे। सोमवार को यह जानकारी आईआईटी धनबाद के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा, सिंफर निदेशक प्रो. एके मिश्रा, विज्ञान भारती के एनपी शुक्ला व आईआईटी धनबाद के उपनिदेशक प्रो. धीरज कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में दी।
आईआईटी धनबाद के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने कहा कि सम्मेलन व प्रदर्शनी में स्मार्ट माइनिंग, क्रिटिकल मिनरल्स व ग्रीन एनर्जी के समाधान से जुड़े नए डेवलपमेंट पर चर्चा होगी। आयोजन का उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप खनन और ऊर्जा क्षेत्र में नई तकनीकों तथा स्थायी समाधान को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में माइनिंग 5.0 जैसे नए कॉन्सेप्ट पर चर्चा होगी। डिजिटलाइजेशन, सर्कुलर इकोनॉमी और सस्टेनेबिलिटी पर विशेष फोकस रहेगा। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए स्मार्ट टेक्नोलॉजी, ऑटोनॉमस माइनिंग सिस्टम, एनर्जी एफिशिएंट टेक्नोलॉजी, वेस्ट मिनिमाइजेशन और रीयूज जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। सिंफर निदेशक प्रो. एके मिश्रा ने कहा कि ट्रिपल आई के माध्यम से विज्ञान के प्रति रूझान बढ़ाना मुख्य उद्देश्य है। इंडस्ट्री व एकेडमी के बीच बेहतर समन्वय हो। छात्र-छात्राओं के साथ ही धनबाद व आसपास के जिलों के आमलोगों को यह पता चले कि माइनिंग की समस्या का समाधान होता है। सम्मेलन व प्रर्दशनी में उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे। छात्रों में विज्ञान के प्रति रुझान बढ़ेगा। विज्ञान भारती के एनपी शुक्ला ने कहा कि विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाया जाए। विज्ञान भारती का उद्देश्य आम आदमी को विज्ञान से जोड़ना है। विज्ञान को उत्सव बनाए। अधिक से अधिक धनबादवासी प्रदर्शनी देखने के लिए आएं। हमलोगों ने इसरो की बस प्रदर्शनी को आईआईटी धनबाद में आमंत्रित किया है। उसमें शुरुआत से लेकर चंद्रयान व गगनयान तक की उपलब्धि देख सकते हैं। एनसीएसएम कोलकाता की भ्रमणशील बस विज्ञान प्रदर्शनी को भी आमंत्रित किया जा रहा है। आईआईटी आईएसएम के उपनिदेशक प्रो. धीरज कुमार ने कहा कि सम्मेलन व प्रदर्शनी का प्रमुख फोकस क्रिटिकल मिनरल्स रहेगा। यह झारखंड के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने सिसकारी ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस की चर्चा करते हुए विभिन्न जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लिथियम, ग्रेफाइट, कोबाल्ट, टाइटेनियम और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे मिनरल्स इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकॉम, ट्रांसपोर्ट और डिफेंस सेक्टर के साथ-साथ रिन्यूएबल एनर्जी टेक्नोलॉजी के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं।

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