
आईआईटी में फ्लूइड जांच का सेंटर बनेगा
आईआईटी आईएसएम धनबाद में द्रव शक्ति पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ। इस सम्मेलन में शिक्षाविद, उद्योग प्रतिनिधि और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए। दो महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिसमें फ्लूइड टेस्टिंग और स्वदेशी हाइड्रोलिक तकनीक का विकास शामिल है। विशेषज्ञों ने उद्योग-अकादमिक साझेदारी और भविष्य की तकनीकी चुनौतियों पर चर्चा की।
धनबाद, मुख्य संवाददाता आईआईटी आईएसएम धनबाद में शनिवार को इनोवेशन्स इन फ्लूइड पावर (द्रव शक्ति) अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविद, बड़े उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों और तकनीकी विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने फ्लूइड पावर तकनीक की बदलती भूमिका और उसके भविष्य पर विस्तार से चर्चा करते हुए उद्योग-अकादमिक साझेदारी पर जोर दिया। कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धि दो महत्वपूर्ण एमओयू हस्ताक्षर रहे। मिनिमैक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ हुए समझौते के तहत आईआईटी धनबाद में फ्लूइड टेस्टिंग, रिसर्च और एनालिटिक्स के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होगा। दूसरा एमओयू नेवियर ड्राइव्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ हुआ, जिसका उद्देश्य खनन और खनिज अन्वेषण के लिए स्वदेशी हाइड्रोलिक तकनीक विकसित करना है।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग व फ्लूइड पावर सोसाइटी ऑफ इंडिया आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अजय सिंह उप महानिदेशक डीजीएमएस (इलेक्ट्रिकल) ने कहा कि आज की इंजीनियरिंग सिर्फ मैकेनिकल तक सीमित नहीं रह गई है। इसमें इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल सिस्टम का गहरा तालमेल जरूरी हो गया है। हाइड्रोलिक और फ्लूइड पावर सिस्टम खनन, एयरोस्पेस, निर्माण कार्य, कृषि और रक्षा क्षेत्र में तेजी से उपयोग में आ रहे हैं। डॉ. अलेक्ज़ेंडर फ्लाइग सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (ईएमएस) बॉश रेक्सरोथ ने कहा कि आधुनिक मशीनों की असली ताकत फ्लूइड पावर है। उन्होंने इंडस्ट्री–अकादमिक सहयोग को नवाचार की कुंजी बताते हुए कहा कि आईआईटी आईएसएम जैसे संस्थान इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर का रिसर्च हब बन सकते हैं। आईआईटी धनबाद निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने कहा कि नई हाइड्रोलिक तकनीकों में इनोवेशन भविष्य की इंजीनियरिंग चुनौतियों का समाधान देगा। उपनिदेशक प्रो. धीरज कुमार ने खनन तकनीकों में फ्लूइड पावर सिस्टम की अहम भूमिका पर जोर दिया। सम्मेलन संयोजक प्रो. अजीत कुमार ने कहा कि फ्लूइड पावर आधुनिक सभ्यता की मांसपेशी है, जो गति, नियंत्रण और शक्ति प्रदान कर हमारे दैनिक जीवन को संभव बनाती है। एक वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त सम्मेलन है। मौके पर प्रो. सोमनाथ चट्टोपाध्याय विभागाध्यक्ष, यांत्रिक अभियांत्रिकी, प्रो. निरंजन कुमार सह-संयोजक मौजूद थे।

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