स्टार्टअप और इनोवेशन की दिशा में आगे बढ़ें युवा : प्रो. कामकोटि

Apr 08, 2026 01:57 am ISTAmit Watts हिन्दुस्तान, धनबाद
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आईआईटी आईएसएम धनबाद में आयोजित इन्वेंटिव में प्रो. वी कामकोटि ने भारत की विविधता को उसकी ताकत बताया। उन्होंने स्टार्टअप्स और इनोवेशन को बढ़ावा देने की बात की। समापन सत्र में डिजिटल हेल्थ पर चर्चा हुई। आयोजन में एक हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया और 190 नवाचार प्रस्तुत किए गए।

स्टार्टअप और इनोवेशन की दिशा में आगे बढ़ें युवा : प्रो. कामकोटि

आईआईटी आईएसएम धनबाद में आयोजित इन्वेंटिव को संबोधित करते हुए आईआईटी मद्रास निदेशक प्रो. वी कामकोटि ने कहा कि भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी ताकत है। यहां विकसित समाधान वैश्विक स्तर पर उपयोगी हो सकते हैं। सिर्फ बेसिक रिसर्च ही नहीं, बल्कि उसे प्रोडक्ट और समाज के लिए उपयोगी बदलाव में बदलना जरूरी है, जिससे लोगों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सके। उन्होंने छात्रों को स्टार्टअप, इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग और इनोवेशन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्वदेशी वैक्सीन निर्माण का उदाहरण देते हुए इसे देश की वैज्ञानिक क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया। प्रो. कामाकोटि ने मजबूत इनोवेशन इकोसिस्टम की जरूरत पर जोर दिया, जो रिसर्च, बौद्धिक संपदा (आईपी) और स्टार्टअप्स पर आधारित हो।

आईआईटी मद्रास के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वहां बड़े पैमाने पर रिसर्च प्रोजेक्ट्स, पेटेंट और स्टार्टअप इनक्यूबेशन पर काम हो रहा है।मंगलवार को समापन वाले दिन नवाचार, शोध, उद्योग-संस्थान सहयोग और डिजिटल परिवर्तन पर व्यापक चर्चा हुई। नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के सीईओ डॉ सुनील बरनवाल ने डिजिटल हेल्थ नेशन विषय विभिन्न जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों का लाभ तभी मिलेगा, जब मानसिक बाधाओं, पुराने सिस्टम और क्षमता से जुड़ी चुनौतियों को दूर किया जाएगा। उन्होंने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत आभा आईडी, डेटा शेयरिंग और यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस की अहमियत बताई। भरोसा, गोपनीयता और सहमति को डिजिटल हेल्थ का आधार बताते हुए इसे यूपीआई जैसी क्रांति से जोड़ा। दोनों सत्रों में छात्रों, शिक्षकों और उद्योग प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।समापन सत्र में संस्थान के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने कहा कि पांच आईआईटी के सहयोग से यह आयोजन नई ऊंचाइयों तक पहुंचा है। यह संस्थान के शताब्दी वर्ष में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वहीं सिंफर निदेशक प्रो. एके मिश्रा ने इसे ऐतिहासिक आयोजन बताते हुए सतत और उद्देश्यपूर्ण नवाचार की जरूरत पर बल दिया। डीन आरएंडडी और संयोजक प्रो. पार्थसारथी दास ने संस्थान, उद्योग, निवेशकों और स्टार्टअप्स के बीच सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। आयोजन सचिव प्रो. एजाज अहमद ने बताया कि कार्यक्रम में एक हजार से अधिक प्रतिभागियों और 190 नवाचारों की भागीदारी रही।उप निदेशक प्रो. धीरज कुमार ने थ्री सी, थ्री एल व थ्री एम मॉडल के जरिए सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने की बात कही। प्रतिभागियों ने मंगलवार को बीसीसीएल के मुनीडीह अंडरग्राउंड माइंस का दौरा किया। माइनिंग ऑपरेशंस को करीब से समझा। इसके अलावा एटूबी (एकेडमिया टू बिजनेस) मैचमेकिंग, स्टार्टअप पिचिंग, नेटवर्किंग और थ्री डी माइन मेटावर्स, जियोलॉजिकल म्यूजियम व सिस्मोलॉजिकल ऑब्जर्वेटरी का भ्रमण भी कराया गया।

Amit Watts

लेखक के बारे में

Amit Watts

शॉर्ट बायो: अमित वत्स पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में प्रारंभिक शिक्षा, माध्यमिक, उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा का कवरेज कर रहे हैं।


परिचय एवं अनुभव
अमित वत्स पत्रकारिता जगत में जाना पहचाना नाम हैं। पत्रकारिता में 23 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान धनबाद संस्करण में एजुकेशन व रोजगार से जुड़े बीट की रिपोर्टिंग करते हैं। एजुकेशन बीट पर मजबूत पकड़ है।


करियर का सफर
अमित ने करियर की शुरुआत वर्ष 2002 में दैनिक जागरण से की। बहुत ही कम समय में प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। प्रारंभिक वर्षों में ही एजुकेशन बीट पर पकड़ बनाई। वर्ष 2009 में हिन्दुस्तान से जुड़े। उसके बाद पिछले 16 वर्षों से हिन्दुस्तान में शिक्षा समेत अन्य बीट का नेतृत्व कर रहे हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए भी लगातार खबरें लिख रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्टभूमि और एजुकेशन रिपोर्टिंग
बीएड, एमए एजुकेशन के साथ ही मॉस कम्युनिकेशन की पढ़ाई का लाभ अमित को एजुकेशन बीट की रिपोर्टिंग में मिला। इसकारण एजुकेशन बीट पर कमांड होने के साथ ही आईआईटी धनबाद, यूनिवर्सिटी शोध की खबरें, वंचितों को मुख्यधारा से जोड़ने व एक्सक्लूसिव स्टोरी लिखते हैं।


शिक्षा और रोजगार
शिक्षा को सीधे आर्थिक अवसरों और रोजगार से जोड़ने पर केंद्रित विश्लेषण समेत अन्य एक्सक्लूसिव खबरें लिखी है। शिक्षा से संबंधित खबरों पर अमित की गहरी समझ है। अमित का मानना है कि तथ्य आधारित व विश्वसनीयता पत्रकारिता का महत्वपूर्ण अंग है। पाठकों को सटीक जानकारी मिलनी चाहिए। रिपोर्टिंग में विशेषकर छात्र केन्द्रित दृष्टिकोण जरूरी है।


विशेषज्ञता
- नई शिक्षा नीति कैसे बदल रही है
- प्रतियोगिता परीक्षाओं के अपडेट
- छात्रों के लिए तनावमुक्त तैयारी
- बोर्ड परीक्षाओं जैक, सीबीएसई, आईसीएसई की मूल्यांकन प्रक्रिया व रिजल्ट का विश्लेषण
- कौशल विकास आधारित शिक्षा

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