
आईआईटी धनबाद की नई तकनीक से स्टील को काटेगा पानी
आईआईटी आईएसएम धनबाद की सेंट्रल रिसर्च फैसिलिटी ने पानी से स्टील काटने वाली नई तकनीक विकसित की है। यह तकनीक बिना ऊष्मा उत्पन्न किए जटिल आकृतियों को उच्च सटीकता से काटने में सक्षम है। इसका उपयोग निर्माण, रक्षा, खनन और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है। स्थानीय उद्योग और स्टार्टअप इसका लाभ उठा सकते हैं।
धनबाद, मुख्य संवाददाता आईआईटी आईएसएम धनबाद की सेंट्रल रिसर्च फैसिलिटी (सीआरएफ) ने पानी से स्टील काटने वाली नई कटिंग तकनीक को विकसित किया है। इस तकनीक का प्रमुख लाभ यह है कि यह उच्च सटीकता के साथ जटिल एवं बारीक आकृतियों को काट सकती है। वह भी बिना किसी ऊष्मा उत्पन्न किए। परिणामस्वरूप सामग्री में किसी प्रकार की थर्मल क्षति या विकृति नहीं होती, जिससे यह उच्च-मूल्य और संवेदनशील घटकों के लिए अत्यंत उपयुक्त है। स्थानीय उद्योगों, स्टार्टअप इसकी सुविधा शोधकर्ताओं को भुगतान के आधार पर ले सकते हैं। यह जानकारी प्रयोगशाला के फैकल्टी इंचार्ज सह मैकेलिकल इंजीनियरिंग प्रोफेसर प्रो. अमित राय दीक्षित ने दी।
बताते चलें कि एब्रेसिव या अपघर्षक एक अत्यंत कठोर पदार्थ है, जिसका उपयोग अन्य सामग्रियों को घिसने, काटने, पीसने, पॉलिश करन, या उनकी सतह को साफ करने के लिए किया जाता है। प्रो. दीक्षित ने बताया कि इस सुविधा के माध्यम से आईआईटी धनबाद का उद्देश्य स्थानीय उद्योगों, एमएसएमई, उद्यमियों एवं शैक्षणिक संस्थानों को ऐसी अत्याधुनिक कटिंग तकनीक तक पहुंच प्रदान करना है। यह सामान्यतः आसानी से उपलब्ध नहीं होती। कैसे काम करती है मशीन प्रो. अमित राय दीक्षित ने बताया कि एडवांस एब्रेसिव वॉटरजेट कटिंग मशीन स्थापित कर शोध एवं औद्योगिक सहयोग अवसंरचना को और सशक्त किया गया है। यह मशीन एक रोचक सिद्धांत पर कार्य करती है, जिसमें अत्यधिक उच्च दाब (लगभग 60,000 पीएसआई) पर पानी को महीन घर्षण कणों (एब्रैसिव्स) के साथ मिलाकर सामग्री को काटा जाता है। एब्रैसिव वॉटरजेट मशीन लगभग सभी प्रकार की सामग्रियों स्टील, स्टेनलेस स्टील, टाइटेनियम, एल्युमिनियम, संगमरमर, ग्रेनाइट, पत्थर, सिरेमिक और कंपोज़िट सामग्री-को काटने में सक्षम है। निर्माण, रक्षा, खनन और एयरोस्पेस के लिए उपयोगी प्रो. दीक्षित के अनुसार आईआईटी धनबाद में स्थापित यह मशीन 1500 मिमी गुणा 1500 मिमी तक की शीट आकार को प्रोसेस कर सकती है। यह विभिन्न औद्योगिक और शोध आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है। इसके उपयोग के क्षेत्र निर्माण, खनन, रक्षा, एयरोस्पेस तथा पत्थर प्रसंस्करण जैसे अनेक क्षेत्रों में है। यह वास्तव में आश्चर्यजनक है कि अत्यधिक उच्च दाब पर प्रवाहित पानी की एक पतली धार कैसे कठोर धातुओं और पत्थरों को सहजता से काट सकती है।

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