DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गैंग्स आफ वासेपुर : अदावत का खूंरेजी इतिहास

फिल्मों के जरिए देश-दुनिया में चर्चा में आए वासेपुर में गैंगवार की कहानी अगर रील से हटकर रीयल में देखी जाए तो यहां अदावत का खूंरेजी इतिहास नजर आएगा। दर्जनभर से ज्यादा सांसें थम चुकी हैं मगर न तो बंदूक का बारूद खत्म हुआ है और न ही चाकू की धार मोथरी हुई है। रविवार की रात पप्पू खान को गोली मारने को पुलिस गैंगवार से जोड़कर तफ्तीश कर रही है।

कत्ल-दर-कत्ल का सिलसिला
1983: शफी खान, बरवाअड्डा
1984: असगर, नया बाजार
1985: अंजार, भूली मोड़
1986: शमीम खान, धनबाद कोर्ट
1989: छोटे खान, रांगाटांड़
1998: सुल्तान, नया बाजार
1998: नजीर, हिल कॉलोनी मजार
2003: जफर अली, वासेपुर
2003: नजमा, शमां, डायमंड क्रासिंग
2010: वाहिद आलम, रांची
2011: इरफान खान, डीआरएम ऑफिस
2012: सोनू आलम, नया बाजार
2012: आमीर जान, आरा मोड़
2014: टुन्ना खान, पुराना बाजार

फहीम से अदावत: गोली लगने से घायल पप्पू खान कुछ साल पहले वासेपुर के गैंगस्टर फहीम खान का खास था। फहीम गुट पर हुए कई मामलों में नामजद रहा है। हाल के दिनों में पप्पू और उसके भाई मिस्टर की फहीम के बेटों से दूरियां बढ़ गई थीं। फहीम से अलग हुए उसके भतीजे गोपी खान, प्रिंस खान, गोडविन और बंटी गुट से भी पप्पू की नहीं पट रही थी। पप्पू जमीन का कारोबार कर रहा था। माना जा रहा है कि जमीन विवाद में घटना घटी है।

पुलिस छावनी में तब्दील हुआ वासेपुर : पप्पू पर गोली चलने की खबर के बाद वासेपुर में पुलिस की चौकसी बढ़ गई। हथियारबंद जवानों की तैनाती वासेपुर और आरा मोड़ में कर दी गई है। रविवार की रात और सोमवार की सुबह कई जगहों पर छापेमारी भी की गई।  

पुलिस ने क्या कहा: पप्पू नामक युवक पर गोली चली है। उसका इलाज चल रहा है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। हमलावर को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। -मनोज रतन चोथे, एसएसपी, धनबाद

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Gangs of Wasseypur: The History of blood shed