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23 अक्तूबर, 2020|1:45|IST

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रिश्वतखोरी में सांख्यिकी पदाधिकारी को चार साल कैद

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रिश्वतखोरी के मामले में जिला सांख्यिकी पदाधिकारी रामजी प्रसाद को निगरानी की विशेष अदालत ने मंगलवार को दोषी करार देते हुए चार साल कठोर कारावास एवं डेढ़ लाख रुपए आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई। निगरानी के विशेष न्यायाधीश अजय कुमार सिंह ने दोषी को जेल भेजने का आदेश दिया।

निगरानी के विशेष अभियोजक अनिल कुमार सिंह के अनुसार जिला सांख्यिकी पदाधिकारी रामजी प्रसाद के खिलाफ भूली के रोशन लाल अग्रवाल ने निगरानी थाना में 16 जुलाई 2008 को प्राथमिकी दर्ज कराया था। कहा था कि उसके पुत्र ऋषभ अग्रवाल का जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर आरोपी ने उससे एक हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई थी, जिसमें से दो सौ का भुगतान उसने कर दिया था। आठ सौ रुपए बकाया था। निगरानी विभाग की छापेमारी में आरोपी के पास से कुल 41 हजार रुपए बरामद किए गए थे। अनुसंधान के बाद निगरानी टीम ने 23 सितंबर 2008 को आरोप पत्र दाखिल किया था। इस मामले में कुल सात गवाहों की गवाही कराई गई थी। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा सात में तीन वर्ष का कठोर कारावास एवं 50 हजार रुपए आर्थिक जुर्माना तथा धारा 13 में चार वर्ष का कठोर कारावास एवं एक लाख रुपए आर्थिक जुर्माना की सजा सुनाई है।

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  • Web Title:Four years imprisonment for statistics officer in bribery