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गैर इरादतन हत्या में चार को 10 वर्ष की कैद, 31 मई 2012 को टुंडी में खजूर तोड़ने के विवाद में हुई थी फिरोज की पिटाई

टुंडी के फिरोज अंसारी की गैर इरादतन हत्या मामले में कोर्ट ने टुंडी निवासी अशोक सिंह, दीपक दत्ता, सुवतो महतो तथा खगेश्वर सिंह को 10-10 साल कैद की सजा सुनाई है। उन पर 10-10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। चारों आरोपियों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश 11 की कोर्ट ने 26 जून को दोषी करार दिया था। गुरुवार को सजा के बिंदु पर फैसले की तिथि तय थी। टुंडी थाना में युसूफ अंसारी ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। आरोप में युसूफ ने बताया था कि 31 मई 2012 को दोपहर तीन बजे माजीउद्दीन अंसारी, फिरोज अंसारी, युसूफ अंसारी और निजाम अंसारी कब्रिस्तान के पास खजूर के पेड़ से खजूर तोड़ने गया था। अमित उन्हें खजूर तोड़ने से मना किया। इसी बात को लेकर अमित से कहासुनी और गालीगलौज हो गई। अमित ने फोन करके अपने साथियों को बुला लिया। हरवे-हथियार से लैस होकर पहुंचे लोग मारपीट करने लगे। खगेश्वर सिंह ने फरसा से फिरोज के सिर पर वार कर दिया। अशोक सिंह लाठी से निजाम अंसारी के सिर पर वार कर रहा था। मारपीट में दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। फिरोज अंसारी और निजाम अंसारी को बीजीएच बोकारो में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। चार जून 2012 को इलाज के दौरान फिरोज की मौत हो गई थी। एफआइआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ 30 जून 2012 को आइपीसी की धारा 302, 307 और 504 के तहत आरोप पत्र समर्पित किया था। आरोपियों पर इन्हीं धाराओं में चार्जफ्रेम भी हुआ था। लेकिन 10 गवाहों के परीक्षण के बाद कोर्ट ने चारों को मारपीट और गैर इरादतन हत्या में दोषी पाते हुए सजा सुनाई।

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  • Web Title:Four to 10 years imprisonment in non-willful murder