फाइलेरिया रोधी दवा का खाली पेट नहीं करें सेवन
फाईलेरिया उन्मूलन कार्यकम के तहत सदर अस्पताल में निजी विद्यालयों के हेडमास्टरों के लिए उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन हुआ। डॉ सुनील कुमार ने कार्यकम की महत्ता बताई, जबकि डॉ अभिषेक पॉल ने दवा सेवन अभियान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीईसी एवं एल्बेंडाजोल दवाओं के सेवन से फाइलेरिया पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

फाईलेरिया उन्मूलन कार्यकम के तहत गुरुवार को निजी विद्यालयों के हेडमास्टरों समेत अन्य के लिए उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन सदर अस्पताल में हुआ। जिला वीबीडी (वेक्टर जनित रोग) पदाधिकारी डॉ सुनील कुमार ने फाइलेरिया उन्मूलन कार्यकम की महत्ता पर प्रकाश डाला। डॉ अभिषेक पॉल, राज्य समन्वयक ने पीपीटी से विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि दवा सेवन अभियान में वर्ष में एक बार डीईसी एवं एल्बेंडाजोल दवा की एकल खुराक लेकर फाइलेरिया पर नियंत्रण पाया जा सकता है। एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवतियों एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को यह दवा नहीं दी जाएगी। खाली पेट दवा का सेवन नहीं किया जाना है।
दवा सेवन के माइक्रो फाइलेरिया को समुदाय में फैलने से रोका जा सकता हैं। स्वस्थ लोगों को इसके संक्रमण से बचाया जा सकता है। डीईसी एवं एल्बेंडाजोल सुरक्षित दवा है। मौके पर जिला वीबीडी सलाहकार रमेश कुमार सिंह समेत अन्य मौजूद थे।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


