
चार कॉलेजों के 10 एमबीबीएस छात्र जांच के दायरे में
संक्षेप: धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर अनुसूचित जनजाति कोटे से एमबीबीएस में नामांकन लेने के मामले का खुलासा हुआ है। राज्य सरकार और जेसीईसीईबी ने जांच शुरू की है। 10 छात्रों के जाति और आवासी प्रमाण-पत्रों की जांच की जाएगी।
धनबाद, प्रमुख संवाददाता। धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर अनुसूचित जनजाति (एसटी) कोटे से एमबीबीएस में नामांकन लेने के मामले का खुलासा होते ही राज्य सरकार से लेकर झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (जेसीईसीईबी) तक सक्रिय हो गया है। स्टेट कोटे के तीसरे राउंड में आरक्षण कोटे से नामांकन लेने वाले चार मेडिकल कॉलेजों के 10 छात्रों को चिह्नित किया गया है, जिनके जाति और आवासी प्रमाण-पत्र पर संदेह है। इनके प्रमाण-पत्रों की जांच का निर्देश दिया जाएगा। इसके लिए छात्रों की सूची के साथ जेसीईसीईबी ने सभी मेडिकल कॉलेजों को पत्र लिखा है। जेसीईसीईबी की सूची के अनुसार हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में नामांकन लेने वाले पांच छात्रों के जाति और आवासीय प्रमाण-पत्रों की जांच होगी।

रिम्स रांची और धनबाद मेडिकल कॉलेज के एक-एक छात्र हैं। धनबाद मेडिकल कॉलेज की छात्रा के जाति प्रमाण-पत्र जांच में गलत पाया गया है। दुमका मेडिकल कॉलेज में नामांकन लेने वाले दो छात्र संदेह के दायरे में हैं। जेसीईसीईबी के पत्र में मेडिकल कॉलेजों से पूछा गया कि मेडिकल कॉलेज स्तर पर उक्त छात्रों के प्रमाण-पत्रों की जांच हुई है या नहीं। साथ ही जेसीईसीईबी ने सभी छात्रों का भी प्रमाण-पत्र मांगा है, ताकि दोबारा उसकी जांच कराई जा सके।

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