तीन साल बाद मेडिकल कॉलेज में हुआ नेत्रदान
धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 79 वर्षीय तुलसीदास मोदी के निधन के बाद नेत्रदान किया गया। उनके परिवार ने समाज के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए नेत्रदान की सहमति दी। इससे दो मरीजों को नई रोशनी मिलेगी। यह...

धनबाद, प्रमुख संवाददाता। धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में तीन साल बाद बुधवार की देर रात नेत्रदान हुआ। मुरली नगर निवासी 79 वर्षीय तुलसीदास मोदी के निधन के बाद परिजनों ने नेत्रदान की सहमति दी। इसके बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नेत्र रोग विभाग की टीम ने नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी कर मृतक की आंखों की कॉर्निया निकाली। जानकारी के अनुसार मोदी का रात करीब नौ बजे निधन हुआ। वे बीते 28 अगस्त से सीसीयू वार्ड में भर्ती थे। उनके निधन के उपरांत परिवार ने समाज के प्रति संवेदनशील पहल कर नेत्रदान का निर्णय लिया। परिजनों की सहमति के बाद नेत्र रोग विभाग ने तत्परता दिखाते हुए उनका कॉर्निया सुरक्षित तरीके से निकालकर मेडिकल कॉलेज के आई बैंक में रखा।
डॉक्टरों ने बताया कि तुलसीदास मोदी का नेत्रदान दो मरीजों को नई रोशनी देगा, जो देखने में असक्षम थे। बता दें कि मार्च-2022 के बाद धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में यह पहला नेत्रदान है। अस्पताल प्रबंधन ने पहल की सराहते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण समाज को जागरूक करते हैं और लोगों को नेत्रदान की ओर प्रेरित करते हैं। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी होने से मरीजों की जिंदगी बदल जाएगी। प्रबंधन ने तुलसीदास मोदी के परिजनों के निर्णय को सामाजिक दायित्व और मानवता की बड़ी मिसाल बताया। अस्पताल ने अपील की कि अधिक से अधिक लोग नेत्रदान की दिशा में आगे आएं, ताकि अंधकारमय जीवन जी रहे लोगों की आंखों में रोशनी लाई जा सके।
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