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सकलदेव मर्डर डायरी में रामधीर के खिलाफ साक्ष्य नहीं

सकलदेव सिंह हत्याकांड की सुनवाई कर रहे जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम के न्यायालय में मंगलवार को केस के अनुसंधानकर्ता की गवाही शुरू हुई। आईओ विनोद कुमार सिंह ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया। समय नहीं रहने के कारण उनकी गवाही पूरी नहीं हो सकी। कोर्ट ने बयान के लिए बुधवार की तिथि तय की है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता आईओ से जिरह करेंगे।

गवाही के दौरान रामधीर सिंह को रांची होटवार जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया था। जबकि पिंटू सिंह को धनबाद मंडल कारा से कोर्ट लाया गया था। इस मामले मे आईओ की गवाही लंबे समय से डायरी के अभाव में नहीं हो पा रही थी। ट्रायल कोर्ट में केस डायरी आने के बाद मंगलवार को आईओ ने अपना बयान दर्ज कराया। सकलदेव सिंह की हत्या के दौरान रामधीर सिंह विनोद हत्याकांड में हजारीबाग सेंट्रल जेल में बंद थे। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनूप सिन्हा और अभय सिन्हा ने बताया कि आईओ से पूछा गया कि क्या केस डायरी में रामधीर सिंह के खिलाफ हत्या की षड़यंत्र रचने का कोई प्रमाण है, तो उन्होंने नहीं में उत्तर दिया। आईओ से पूछा गया कि क्या उन्होंने या अन्य किसी अफसर ने षड़यंत्र की जांच के लिए हजारीबाग जेल के किसी अफसर या अन्य से पूछताछ की, जिसमें यह पता चले की उस दौरान रामधीर से जेल में कौन-कौन लोग मिलने आते थे, इस पर भी आईओ ने जवाब में नहीं कहा। आईओ ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने इस मामले में रणविजय सिंह, मनोज सिंह और अन्य गवाहों का बयान दर्ज किया था। मामले के आरोपी मुन्ना सिंह को गिरफ्तार किया था। अनुसंधान के बाद उन्होंने रामधीर सिंह, मुन्ना सिंह, उपेंद्र सिंह, राजीव रंजन और शेर बहादुर के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इस मामले में बच्चा सिंह, उपेंद्र सिंह तथा मुन्ना सिंह पहले ही साक्ष्य के अभाव में कोर्ट से रिहा हो चुके हैं।

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  • Web Title:Evidence against Ramdhir in Sakaldev Murder Diary