रांची इंटरसिटी व बाबाधाम इंटरसिटी में बढ़ेंगी दो एसी चेयरकार
धनबाद से रांची, दुमका और गोड्डा के बीच यात्रा अब और आसान होगी। रेलवे ने गोड्डा की ट्रेनों में थर्ड एसी बोगियों की संख्या बढ़ाई है। रांची-गोड्डा एक्सप्रेस और इंटरसिटी ट्रेनों में एसी चेयरकार और थर्ड एसी बोगी की स्थायी बढ़ोतरी की गई है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।

धनबाद से राजधानी रांची के साथ-साथ उप राजधानी दुमका तथा गोड्डा के बीच सफर आसान होने वाला है। बढ़ती गर्मी में ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को एसी में सफर का विकल्प दिया जाएगा। रेलवे ने धनबाद होकर चलने वाली गोड्डा की दोनों ट्रेनों में थर्ड एसी बोगी बढ़ाने की घोषणा की है। साथ ही धनबाद से खुल कर रांची जाने वाली इंटरसिटी और धनबाद-दुमका होकर रांची से गोड्डा जाने वाली इंटरसिटी में एसी चेयरकार के साथ-साथ नन एसी बोगी में भी स्थायी रूप से बढ़ोतरी करने की घोषणा की गई है। 18603 रांची-गोड्डा एक्सप्रेस में रांची से छह जून से और 18604 गोड्डा-रांची एक्सप्रेस में सात जून से एक की जगह चार थर्ड एसी बोगी जोड़ी जाएंगी।
साथ ही इस ट्रेन में एक स्लीपर बोगी भी उसी दिन से बढ़ाई जाएगी। भागलपुर होकर गोड्डा जाने वाली इस ट्रेन में अब 17 की जगह 21 बोगियां होंगी।इसी तरह 18619 रांची-गोड्डा इंटरसिटी में पांच जून से रांची से दो की जगह चार एसी थ्री बोगी जोड़ी जाएंगी। वापसी में 18620 गोड्डा-रांची इंटरसिटी में छह जून से नया कंपोजिशन बहाल किया जाएगा। इन देनों ट्रेनों के अलावा धनबाद से खुलने वाली 13303 धनबाद-रांची इंटरसिटी और दुमका से खुलकर धनबाद होते हुए रांची जाने वाली 13319 दुमका-रांची बाबाधाम इंटरसिटी में एक की जगह तीन एसी चेयरकार बोगी जोड़ी जाएंगी। दो एसी चेयरकार बोगी बढ़ाने के साथ-साथ ट्रेन में तीन नन एसी बोगी भी बढ़ाई जाएंगी। इन दोनों ट्रेनों को नई संरचना के साथ चलाने की हरी झंडी दक्षिण पूर्व रेलवे मुख्यालय ने दे दी है। जल्द इसकी तिथि की घोषणा की जाएगी। डेली पैसेंजरों की सहूलियत को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नियमित यात्रा करने वालों के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को भी इस फैसले से काफी फायदा मिलेगा।
लेखक के बारे में
Ravikant Jhaशॉर्ट बायो : रविकांत झा पिछले 24 वर्षों से पत्रकारिता फील्ड में हूं। फिलहाल ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद में चीफ रिपोर्टर की भूमिका में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा हूं।
परिचय एवं अनुभव
रविकांत झा झारखंड के मीडिया जगत के एक जानेमाने नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 24 वर्षों से अधिक समय का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के लिए क्राइम और रेलवे बिट पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। अखबार के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के लिए भी रविकांत रोचक व पठनीय कंटेंट देते रहते हैं। इनकी झारखंड की पत्रकारिता में गहरी पैठ है।
करियर का सफर
रविकांत झा ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2002 में दैनिक जागरण धनबाद से की थी। रविकांत वर्ष 2010 तक दैनिक जागरण धनबाद के साथ रहे। जागरण में वे शिक्षा, लाइफ स्टाइल एंड एंटरटेनमेंट के साथ रेलवे और धर्म-अध्यात्म व समाज जैसों विषयों को कवर करते थे। यह वह दौर था जब कागजों और पैक्स से पत्रकारिता कंप्यूटर और ई-मेल पर शिफ्ट हो रहा था। वर्ष 2010 में उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद का दामन थामा। वर्ष 2010 में मीडिया जगत में न्यू मीडिया का अंकुरण हो चुका था। हिन्दुस्तान में रहते उन्होंने क्राइम और रेलवे जैसी बिट पर अपनी गहरी पहचान बनाई। न्यू मीडिया के साथ तालमेल बैठाते हुए वे प्रिंट के साथ-साथ ‘लाइव हिन्दुस्तान’ के लिए भी बेहतर सामग्री दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
B.COM (एकाउंट्स) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। कंप्यूटर में भी डिग्री कोर्स किया है। पत्रकारिता में रहते कई कानूनी कार्यशाला में शामिल हो चुके हैं। पत्रकारिता की अचार संहिता की बारीकी समझ है। हिन्दुस्तान की ओर से आयोजित मोबाइल जर्नलिज्म (MoJo) की कार्यशाला में भी हिस्सा ले चुके हैं। धनबाद के साथ-साथ झारखंड के अपराध और अपराधियों के क्रोनोलॉजी से वे वाकिफ हैं।
विशेषज्ञता
क्राइम (सामान्य अपराध के साथ-साथ सीबीआई, ईडी, सीआईडी, रेल क्राइम व नक्सल गतिविधि)
रेलवे (रेलवे में ईस्टर्न जोन की हर छोटी-बड़ी गतिविधि)
पैनल डिस्कशन का पेशेवर तरीके से संचालन
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