Hindi NewsJharkhand NewsDhanbad NewsEmpowered Woman Transforms Destiny through Poultry Farming in Sindri Dhanbad
तदबीर से सिंदरी की महिला ने बदली अपनी तकदीर

तदबीर से सिंदरी की महिला ने बदली अपनी तकदीर

संक्षेप:

धनबाद की सिंदरी की पूनम देवी ने 500 देसी चूजों से पोल्ट्री फार्मिंग का कारोबार शुरू किया। उनके छोटे से व्यवसाय ने अब बड़े फार्म का रूप ले लिया है, जहां झारखंड, बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश में मुर्गों की सप्लाई होती है। मेहनत और प्रबंधन कौशल से वे लाखों रुपए का कारोबार कर रही हैं।

Nov 25, 2025 02:47 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, धनबाद
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धनबाद, संवाददाता। भाग्य के भरोसे नहीं बैठकर सिंदरी की एक महिला ने तदबीर से अपनी तकदीर बदली। धनबाद के सिंदरी की महिला छह वर्षों से देसी मुर्गी पालन कर आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी है। महिलाएं घर से ही कारोबार शुरू कर सकती हैं। पोल्ट्री फार्मिंग ऐसा व्यवसाय है, जिसमें कम निवेश में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। चूजों के शुरुआती 10-15 दिनों की देखभाल बेहद जरूरी होती है, जिसमें सही तापमान, स्वच्छता और संतुलित फीड शामिल हैं। सिंदरी की पूनम देवी ने 2020 में महज 500 देसी चूजों से कारोबार शुरू किया। उनका छोटा-सा कारोबार बड़े फार्म की शक्ल में बदल चुका है, जहां से झारखंड, बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में देसी मुर्गे और मुर्गी की सप्लाई होती है।

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मेहनत, समझदारी और प्रबंधन कौशल के बल पर उनका हर साल लाखों रुपए का कारोबार हो रहा हैं। पूनम देवी ने बताया कि उन्होंने पांच एकड़ जमीन पर बैंक से लोन लेकर कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती दौर में चुनौतियां थीं, लेकिन अनुभव बढ़ने के साथ उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार होता चला गया। आज उनके फार्म में बड़ी संख्या में देसी मुर्गे और मुर्गियां तैयार होते हैं। जिन्हें आसपास के राज्यों में बड़ी मांग के साथ बेचा जाता है। फार्म में तैयार चूजे महज 20 से 30 रुपए प्रति पीस की दर पर उपलब्ध होते हैं। यदि कारोबारी क्विंटल के हिसाब से खरीदारी करते हैं तो उन्हें 200 से 250 रुपए किलो के हिसाब से मुर्गी दी जाती है। एक मुर्गे की कीमत औसतन 350 रुपए तक पहुंच जाती है। देसी मुर्गे की बढ़ती लोकप्रियता और बेहतर स्वाद के कारण उनके फार्म की सप्लाई लगातार बढ़ रही है।