बिजली दर बढ़ेगी पर उपभोक्तओं को ध्यान में रखकर : आयोग

Feb 28, 2026 03:16 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, धनबाद
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राज्य में बिजली की दरें बढ़ने की संभावना है, लेकिन उपभोक्ताओं की समस्याओं को ध्यान में रखा जाएगा। विद्युत विभाग ने 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। जनसुनवाई में व्यापारियों और समाजसेवियों ने विरोध किया, खासकर नगर निगम चुनाव की मतगणना के दौरान सुनवाई का समय रखने पर। आयोग ने उपभोक्ता शिकायत निवारण केंद्र खोलने का आदेश दिया।

बिजली दर बढ़ेगी पर उपभोक्तओं को ध्यान में रखकर : आयोग

बिजली दर राज्य में बढ़ेगी, लेकिन उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए। विभाग ने 60 प्रतिशत बिल बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। अभी दर 6.85 रुपए प्रति यूनिट है, जिसे बढ़ा कर 10.96 रुपए करने का प्रस्ताव है। राज्य विद्युत नियामक आयोग की जनसुनवाई में लोगों ने इसका विरोध किया। शुक्रवार को बीसीसीएल के सामुदायिक भवन में आयोग की सुनवाई हुई। इसमें कारोबारी, समाजसेवी व अन्य स्टेक होल्डर शामिल हुए। साथ ही कहा कि नगर निकाय चुनाव का मतगणना के दिन सुनवाई रखी गई। इस कारण अधिकांश लोग शामिल नहीं हुए। करोबारी के उठाए गए सवाल का जबाव विभाग के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ईडी) अरबिंद कुमार ने लोगों का जवाब दिया।

इसके बाद नियामक आयोग के अध्यक्ष नवनीत कुमार ने कहा कि बिजली दर बढ़ेगी, लेकिन उपभोक्ताओं को देखते हुए। उन्होंने धनबाद में छह माह के अंदर उपभोक्ता शिकायत निवारण केंद्र खोलने का आदेश दिया। कारोबारियों ने आयोग के समक्ष रखीं समस्याएं जनसुनवाई में फ्लोर मिल के प्रतिनिधि केसी गोयल ने कहा कि बड़े (एचटी) उपभोक्ता जेबीवीएनएल से हटकर डीवीसी से कनेक्शन ले रहे हैं। इसपर जेबीवीएनएल कोई ठोस पहल करे, जिससे उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली मिले। जेबीवीएनएल के तमाम तरीके के उपकरण लगाए जा रहे हैं। इसमें करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं। इसके बावजूद बिजली चोरी नहीं रुक रहा है। जनता का पैसे बर्बाद हो रहा है। इसपर विभाग को ध्यान देने की जरूरत है। वहीं श्रीकांत अंबष्ठ ने कहा कि नगर निगम चुनाव की मतगणना हो रही है। इस बीच विभाग ने सुनवाई रखी। इससे अधिकांश लोग इस बैठक में शामिल नहीं हो पाए। विभाग मनमाने तरीके फिक्स चार्ज वसूल कर रहा है। 10-12 महीने में बिल एक बार दिया जा रहा है। वह भी एक साथ, जिससे लोग भुगतान नहीं कर पाते हैं और विभाग बिजली काट दे रहा है। संतोष कुशवाहा ने कहा कि ऊर्जा मित्रों का बकाया विभिन्न बिलिंग एजेंसी ने करोड़ों रुपए रखा है। स्मार्ट मीटर लगने से लोग बेरोजगार हो रहे है। लोगों को मैनडेज कर्मी में बहाल करें, जिससे लोगों की रोजगार चलता रहे। शिवचरण शर्मा ने कहा कि पहले पीला बल्ब जलाया जाता था। फिर भी बिल कम आता था और लोग आसानी से भुगतान करते थे। आज एलईडी बल्ब है, लेकिन बिल अधिक आ है। जेबीवीएनएल 25 साल में बिजली चोरी रोक नहीं पा रही है। कार्यालय में नहीं बैठते हैं एसडीओ बैठक के दौरान कई लोगों ने कहा कि कार्यालय में सहायक अभियंता एक घंटा बैठें, जिससे उपभोक्ताओं की समस्या सुनें और समाधान करें। अगर नहीं बैठते हैं तो जीएम शोकॉज करें। स्मार्ट मीटर लगने से बढ़ी परेशानी कारोबारियों ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। समस्या कम होने का नाम नहीं ले रहा है। उपभोक्ताओं को 10-12 महीने में बिल भेजा रहा है। इससे लोग परेशान हैं। इसपर आयोग के अध्यक्ष नवनीत कुमार ने कहा कि कोई भी योजना की शुरुआत होती है। इसमें थोड़ी थोड़ी समस्या सामने आती है। उसे दूर किया जा रही है। कुछ माह चलने के बाद सबकुछ ठीक हो जाता है। बैठक में जीएम अशोक कुमार सिन्हा, अधीक्षण अभियंता एसके कश्यप, धनबाद, झरिया सहित अन्य डिवीजन के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं कर्मचारी शामिल थे।

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