Dhanbad News: बहू की बीमारी दूर करने का झांसा दे वृद्धा से उड़ा लिए लाखों के गहने
Dhanbad News: धनबाद की राजकुमारी देवी नाम की बुजुर्ग महिला से दो युवकों ने साधु बनकर ठगी की। उन्होंने कहा कि उनकी बहू की तबीयत ठीक हो जाएगी। बुजुर्ग महिला ने विश्वास करते हुए सभी सोने के गहने उतार दिए, और उसके बाद ठग वहां से भाग गए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

Dhanbad News: साधु के वेश में आए दो युवकों ने विशुनपुर नाला के पास रहने वाली बुजुर्ग महिला राजकुमारी देवी से कहा कि वे लोग अयोध्या से आए हैं। माता जी आप परेशान मत होइए। आपकी बहू की तबीयत बिल्कुल ठीक हो जाएगी। इसके लिए आपको कुछ करना होगा। राजकुमारी ने जब मुंबई में इलाज कराने गई अपनी बहू की बीमारी की बात कथित साधुओं के जुबान से सुनी तो वह उनके भंवर जाल में फंस गईं। साधुओं ने राजकुमारी के शरीर से सारे गहने उतरवाए और सारे आभूषण लेकर वहां से रफूचक्कर हो गए। घटना गुरुवार की सुबह करीब सवा नौ से साढ़े नौ बजे के बीच की है।
ठगों ने राजकुमारी देवी से कहा कि आपके घर में बड़ा संकट आने वाला है। संकट टालने के लिए आपको गहना उतारना होगा। इसके बाद दोनों लंपटों ने उनके दोनों हाथ से सोने के कंगन, कानबाली और गले से जितिया (जीवित्पुत्रिका) उतरवा लिया। इसके बाद राजकुमारी को 51 कदम चलने को कहा। ठगों की मंशा से अंजान वृद्ध ने जैसे ही चहलकदमी शुरू की दोनों ठग बाइक पर बैठक कर वहां से चंपत हो गए। घटना की जानकारी धनबाद थाना की पुलिस को दी गई। जानकारी पाकर पहुंची पुलिस ने आसपास के भवनों में लगे सीसीटीवी से दोनों ठगों का वीडियो जुटाया है। फुटेज के आधार पर उनकी खोजबीन शुरू कर दी गई है।
लेखक के बारे में
Ravikant Jhaशॉर्ट बायो : रविकांत झा पिछले 24 वर्षों से पत्रकारिता फील्ड में हूं। फिलहाल ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद में चीफ रिपोर्टर की भूमिका में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा हूं।
परिचय एवं अनुभव
रविकांत झा झारखंड के मीडिया जगत के एक जानेमाने नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 24 वर्षों से अधिक समय का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के लिए क्राइम और रेलवे बिट पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। अखबार के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के लिए भी रविकांत रोचक व पठनीय कंटेंट देते रहते हैं। इनकी झारखंड की पत्रकारिता में गहरी पैठ है।
करियर का सफर
रविकांत झा ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2002 में दैनिक जागरण धनबाद से की थी। रविकांत वर्ष 2010 तक दैनिक जागरण धनबाद के साथ रहे। जागरण में वे शिक्षा, लाइफ स्टाइल एंड एंटरटेनमेंट के साथ रेलवे और धर्म-अध्यात्म व समाज जैसों विषयों को कवर करते थे। यह वह दौर था जब कागजों और पैक्स से पत्रकारिता कंप्यूटर और ई-मेल पर शिफ्ट हो रहा था। वर्ष 2010 में उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद का दामन थामा। वर्ष 2010 में मीडिया जगत में न्यू मीडिया का अंकुरण हो चुका था। हिन्दुस्तान में रहते उन्होंने क्राइम और रेलवे जैसी बिट पर अपनी गहरी पहचान बनाई। न्यू मीडिया के साथ तालमेल बैठाते हुए वे प्रिंट के साथ-साथ ‘लाइव हिन्दुस्तान’ के लिए भी बेहतर सामग्री दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
B.COM (एकाउंट्स) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। कंप्यूटर में भी डिग्री कोर्स किया है। पत्रकारिता में रहते कई कानूनी कार्यशाला में शामिल हो चुके हैं। पत्रकारिता की अचार संहिता की बारीकी समझ है। हिन्दुस्तान की ओर से आयोजित मोबाइल जर्नलिज्म (MoJo) की कार्यशाला में भी हिस्सा ले चुके हैं। धनबाद के साथ-साथ झारखंड के अपराध और अपराधियों के क्रोनोलॉजी से वे वाकिफ हैं।
विशेषज्ञता
क्राइम (सामान्य अपराध के साथ-साथ सीबीआई, ईडी, सीआईडी, रेल क्राइम व नक्सल गतिविधि)
रेलवे (रेलवे में ईस्टर्न जोन की हर छोटी-बड़ी गतिविधि)
पैनल डिस्कशन का पेशेवर तरीके से संचालन
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